देहरादून: परिजन धैर्य रखें, सभी सुरक्षित वापस अपने घर आएंगे
देहरादून, अमृत विचार। अफगानिस्तान पर तालिबानियों का कब्जा होने के बाद रविवार को देहरादून के करीब 62 लोग अपने घर वापस पहुंचे. घर वापस लौटने पर परिजनों ने प्रेमनगर में भव्य स्वागत किया। इस स्वागत समारोह में पूर्व सीएम हरीश रावत भी मौजूद रहे और सभी को घर वापसी पर बधाई दी। वहीं, अफगानिस्तान से …
देहरादून, अमृत विचार। अफगानिस्तान पर तालिबानियों का कब्जा होने के बाद रविवार को देहरादून के करीब 62 लोग अपने घर वापस पहुंचे. घर वापस लौटने पर परिजनों ने प्रेमनगर में भव्य स्वागत किया। इस स्वागत समारोह में पूर्व सीएम हरीश रावत भी मौजूद रहे और सभी को घर वापसी पर बधाई दी। वहीं, अफगानिस्तान से लौटे लोगों ने केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार का भी धन्यवाद दिया। साथ ही कहा कि सरकार के अथक प्रयासों से वो लोग आज अपने घरों में सकुशल पहुचे हैं। वहीं, इस दौरान अपनों को अपने साथ देखकर परिजन भी खुश थे।
अफगानिस्तान से लौटे रितेश कुमार का कहना है कि अपने घर पहुंचकर जो खुशी हुई है। उसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। रितेश ने बताया कि 89 लोग काबुल एयरपोर्ट से निकले, जिनमें करीब 62 लोग देहरादून के थे। उनका कहना है कि अफगानिस्तान के हालात बहुत ही ज्यादा खराब हैं, लेकिन तालिबानियों ने किसी भी भारतीय को नुकसान नहीं पहुंचाया।
तालिबान भारतीय की मदद कर रहा है. जो कुछ आज तक तालिबान के बारे में सुना था उसका उलट उन्होंने सामने देखा। रितेश कहते हैं कि तालिबान ने बहुत स्पोर्ट किया है। उनको वहां से निकलने में मदद की है। साथ ही कहा कि वहां फंसे लोगों के परिजनों को धैर्य रखने की जरूरत है। सभी सुरक्षित वापस अपने घर आएंगे.सम्मान समारोह में पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत का कहना है कि जो हमारे लोग अफगानिस्तान में थे।
अब वे सुरक्षित अपने घरों में वापस आ गए हैं। जिनसे मिलने वह पहुंचे थे, क्योंकि इन लोगों की सुरक्षा को लेकर पूरा राज्य ही नहीं देश के हर लोग चिंतित थे। आपको बता दें कि अफगानिस्तान में इन दिनों हालात बद से बदतर हो गए हैं. अफगानिस्तान में हुए विद्रोह के बाद भारत मूल के कई नागरिक अफगानिस्तान फंसे हैं। इनमें से उत्तराखंड मूल के भी कई अफगानिस्तान में फंसे हैं, जिनमें से करीब 62 लोग आज अपने घर वापस लौटे हैं.। लेकिन अभी भी कई लोग हैं जिनके परिजन भी जल्द व सकुशल उनकी घर पहुंचने की राह देख रहे हैं।
