हल्द्वानी: परीक्षा से पहले पोर्टल ने बढ़ाई बेचैनी
हल्द्वानी, अमृत विचार। स्नातक व परास्नातक परीक्षा से पहले पोर्टल ने छात्र-छात्राओं की बेचैनी बढ़ा दी है। ऐसा इसकी तकनीकि खराबी के कारण हो रहा है। इस वजह से पोर्टल पर परीक्षा फीस जमा होने के बाद भी शो नहीं हो रही है। यह समस्या इसलिए भी और परेशानी बढ़ा रही है, क्योंकि परीक्षा फार्म …
हल्द्वानी, अमृत विचार। स्नातक व परास्नातक परीक्षा से पहले पोर्टल ने छात्र-छात्राओं की बेचैनी बढ़ा दी है। ऐसा इसकी तकनीकि खराबी के कारण हो रहा है। इस वजह से पोर्टल पर परीक्षा फीस जमा होने के बाद भी शो नहीं हो रही है। यह समस्या इसलिए भी और परेशानी बढ़ा रही है, क्योंकि परीक्षा फार्म भरने की शुक्रवार को अंतिम तिथि है।
इसके बाद विद्यार्थी फार्म नहीं भर पाएंगे। ऐसे में उन्हें डर सता रहा है कि कहीं वे परीक्षा देने से वंचित न रह जाएं। गुरुवार को एमबीपीजी कालेज के परीक्षा विभाग के सामने परेशान छात्र-छात्राओं की लाइन लगी रही। कालेज प्रशासन द्वारा भी कोई स्पष्ट आश्वासन न मिलने से परीक्षार्थियों की घबराहट बढ़ गई है।
कालेज प्रशासन की माने तो कुमाऊं यूनीवर्सिटी की ओर से नई पोर्टल एजेंसी काम कर रही है। जिसकी तकनीकि खामी के कारण कुछ दिक्कतें आ रही हैं। कालेज परीक्षा प्रभारी डा.नवीन भगत ने बताया कि 1 सितंबर से परीक्षाएं शुरू हैं। जिसको लेकर 27 अगस्त तक सभी परीक्षार्थियों के फार्म आनलाइन भरे जाने हैं।
इस दौरान कई परीक्षार्थी इस शिकायत को लेकर कालेज आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने पोर्टल पर फार्म पूरा करने के बाद फीस भी जमा कर दी। उनके खाते से फीस की राशि भी कम हो गई। उसके बावजूद पोर्टल पर फीस अपलोड नहीं दिखा रही है। इस वजह से उनका फार्म अभी भी अधूरा दिखाया जा रहा है।
डा.नवीन भगत ने बताया कि करीब आठ से दस परीक्षार्थियों के शिकायत पत्र मिले हैं। जिन्हें ई-मेल द्वारा यूनीवर्सिटी भेज दी गई हैं। हालांकि अभी वहां से इनके निराकरण को लेकर कोई निर्देश नहीं मिले हैं। जो भी निर्देश मिलेगा, इसकी जानकारी इन परीक्षार्थियों को दे दी जाएगी। जिन छात्र-छात्राओं के फार्म पूरे नहीं हो सकेंगे, उनका परीक्षा देना फिलहाल मुश्किल लग रहा है। इस बावत यूनीवर्सिटी में संपर्क कर इन शिकायतों को दूर कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। उधर परीक्षार्थियों का कहना है कि पोर्टल की दिक्कत के कारण काफी परेशानी हो रही है। इस समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो वे परीक्षा नहीं दे पाएंगे।
