हल्द्वानी: प्रतिबंध के बावजूद पॉलिथीन का इस्तेमाल पर कौन देगा जवाब ?

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड सरकार की ओर से प्रदेश में हर तरह के प्लास्टिक कैरी बैग पूर्ण रूप से बैन करने के बाद भी बाजार में पॉलिथीन की बिक्री खुले आम हो रही है। इनका उपयोग करने वालों पर भारी जुर्माना लगाए जाने के बाद भी लोग सुधर नहीं नहीं रहे हैं। फरवरी में प्रमुख …

हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड सरकार की ओर से प्रदेश में हर तरह के प्लास्टिक कैरी बैग पूर्ण रूप से बैन करने के बाद भी बाजार में पॉलिथीन की बिक्री खुले आम हो रही है। इनका उपयोग करने वालों पर भारी जुर्माना लगाए जाने के बाद भी लोग सुधर नहीं नहीं रहे हैं।

फरवरी में प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आनंद वर्द्धन ने इसके आदेश दिए थे कि अब से प्रदेश में कहीं भी प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। प्रमुख सचिव की ओर से किए गए आदेश में कहा गया था कि किसी भी मोटायी या साइज के प्लास्टिक कैरी बैग पूरी तरह से प्रतिबंधित होंगे। इसके बावजूद बाजार में पॉलिथीन का इस्तेमाल सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।

बता दें कि अब तक केवल 50 माइक्रोन से नीचे के प्लास्टिक के बैग प्रतिबंधित थे। लेकिन फरवरी में प्रशासन की ओर से हर तरह के प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग गैर कानूनी किए जाने के आदेश जारी किए गए थे। इसके साथ ही किसी भी रंग या साइज के नान वोवन पॉली प्रोपाइलिन बैग भी इस्तेमाल नहीं किए जाने थे, लेकिन बाजार में इस प्रकार के पॉली बैग का इस्तेमाल खुले आम किया जा रहा है।

जहां एक ओर जनता खुद पर्यावरण बचाने के लिए पेड़-पौधे लगाने की अपील करती हैं, वहीं खुद ही इन पॉली बैग का इस्तेमाल करती है। यहीं नहीं सरकार की ओर से रेस्टोरेंट, ढाबे या होटल से प्लास्टिक या थर्माकोल के बैग या डिब्बे में पका हुआ खाना लाना भी पूरी तरह से बैन कर दिया गया था, लेकिन आज भी अगर आप ऑनलाइन डिलीवरी करते हैं तो आपको खाना इन्हीं प्लास्टिक के डिब्बों में पैक करके भेजा जाता है।

पॉलिथीन का इंस्तेमाल किए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। पकड़े जाने पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। पॉलिथीन व प्लास्टिक का इस्तेमाल गैरकानूनी है। इसके प्रयोग से न केवल मनुष्य के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है।

– मनोज कांडपाल, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम

जुलाई 2022 तक देश होगा सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री
भारत को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने और पूरे देश में प्लास्टिक के कचरे और उनसे होने वाले खतरे को देखते हुए, केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया था। केंद्र सरकार ने ऐलान करते हुए कहा था कि पूरे देशभर में अगले साल 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक प्रयोग नहीं हो सकेगा, सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाती है। केंद्र ने एक ड्राफ्ट अधिसूचना जारी की थी कि यह योजना छोटे व्यापारियों को प्रभावित न करे और साथ ही कचरे से बढ़ते खतरों को देखते हुए 30 सितंबर से पॉलिथीन की थैलियों की मोटाई 50 माइक्रोन से बढ़ाकर 120 माइक्रोन करने का फैसला लिया गया था। अभी भी देश में 50 माइक्रोन से कम के पॉलिथीन बैग पर बैन है।

बता दें कि अगले साल 15अगस्त 2022 आजादी के दिन तक पूरे देश में प्रयोग होने वाली प्लास्टिक वस्तुओं का निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग नियमों के तहत बैन होगा। सिंगल यूज प्लास्टिक को दो चरणों में बैन किया जाएगा। पहले चरण की शुरूआत जनवरी 2022 से होगी। इस चरण में कुछ प्लास्टिक की चीजें जैसे प्लास्टिक के झंडे, गुब्बारे और कैंडी स्टिक बैन होंगी और फिर एक जुलाई 2022 से प्लेट, कप, ग्लास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, पुआल, ट्रे, रैपिंग, पैकिंग फिल्म्स, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट आदि चीजों पर प्लास्टिक बैन लगेगा।

 

संबंधित समाचार