हल्द्वानी: लॉकडाउन में तेजी के साथ घुला दो प्रेमियों के बीच नफरत का ‘वायरस’
मनीष तिवारी, अमृत विचार। जिंदगी एक साथ बिताने का वादा करने वालों के बीच लॉकडाउन एक दरार बनकर सामने आया है। प्रेम विवाह करने वालों के बीच भी इस दौर में तेजी के साथ नफरत का वायरस घुला है। पुलिस महिला समाधान कार्यालय (महिला थाना) में अब तक के रिकार्ड की माने तो पिछले साल …
मनीष तिवारी, अमृत विचार। जिंदगी एक साथ बिताने का वादा करने वालों के बीच लॉकडाउन एक दरार बनकर सामने आया है। प्रेम विवाह करने वालों के बीच भी इस दौर में तेजी के साथ नफरत का वायरस घुला है। पुलिस महिला समाधान कार्यालय (महिला थाना) में अब तक के रिकार्ड की माने तो पिछले साल के मुकाबले ढाई गुना केस बढ़े हैं। यही नहीं जहां कभी एक दिन में अधिकतम केस सात तक होते थे, वहीं अब यह बढ़कर 15 से 20 तक पहुंच जाते हैं।
महिला पुलिस की पौध लगाने की पहल भी दोनों के बीच दोबारा प्रेम की महक पैदा नहीं कर पाती है।
महिला थाना पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018-19 में 200 के करीब केस थे तो वहीं वर्ष 2019-20 में यह बढ़कर 400 और इस साल आठ महीनें में ही 550 के करीब दम्पत्तियों ने शिकायत पत्र महिला थाने पहुंचाएं हैं। यही नहीं कोविड काल से पहले जो मामले सामने आते थे, उनके मुकाबले इस दौर के मामलों का सुलझापाना पुलिस टीम के लिए बेहद चुनौती पूर्ण होता है। एक दंपत्ति को समझाने में लगने वाला दो से तीन घंटे का समय भी नाकाफी साबित होता है। नतीजा, सुलह होने वाले मामलों की संख्या बेहद कम हो जाती है। जुलाई में महिला थाने की थानाध्यक्ष ललिता पांडे ने पौध लगाने की पहल शुरू की थी। नतीजा, दो महीने बीतने के बाद मात्र 10 से 12 पौधे ही दो प्रेमियों के बीच रिश्ते की महक साबित हुए हैं।
पति स्वीकार पर परिवार नहीं
केस-1
10 महीने पहले एक हुए और अब अलग-अलग होने के लिए महिला थाने पहुंचकर पुलिस से गुहार लगा रहे हैं। यह वह दंपत्ति हैं, जिन्होंने शादी से पहले एक दूसरे की हर परिस्थिति को स्वीकार कर साथ रहने की कसमें खाईं थी, पर आज जुदा होने के लिए दिन गिन रहे हैं। कालाढूंगी के एक निजी बैंक में फाइनेंस मैनेजर ने पिछले साल अक्टूबर में अब्दुल्ला बिल्डिंग की रहने वाली लड़की को संगनी बनाया। दोनों का प्रेम विवाह हुआ था। पर शादी के दो महीने बाद ही पत्नी घर छोड़कर मायके चली गई। वजह, परिवार के अन्य सदस्यों के साथ न रहने की जिद और पति का इस जिद को स्वीकार न करना है।
केस-2
गौलापार के रहने वाले एक युवक ने वर्ष 2014 के अगस्त में अब्दुल्ला बिल्डिंग की रहने वाली युवती के साथ प्रेम विवाह किया था। सात साल होने को हैं और अब दोनों एक दूसरे से छुटकारा पाना चाहते हैं। दोनों के बीच झगड़े की यह वजह भी परिवार बताया जाता है। महिला पुलिस के अनुसार पत्नी अपनी सास व नंद के साथ नहीं रहना चाहती। पति उसकी इस जिद को नहीं मान रहा और तकरार होने के बजाय बढ़ता जा रहा है।
क्या कारण आए सामने
1-पति की नौकरी चली जाना
2-नौकरी में वेतन कम होना
3-छोटी बातों पर भी नुक्स निकालना
4-अन्य सदस्यों की दखलअंदाजी
मोबाइल फोन भी बनता है बड़ा कारण
-महिला एसआई तनुजा ह्यांकी बताती हैं कि खाली वक्त परिवार संग कम और फोन के साथ अधिक समय बिताना भी नोकझोंक और प्रेम में कमी का बड़ा कारण बनता है। कई मामले ऐसे भी सामने आते हैं, जिसमें पति व पत्नी एक दूसरे की इस आदत को भी झगड़े का कारण बताती हैं।
क्यों कमजोर पड़ते हैं रिश्ते
-महिला एसओ ललिता पांडे बताती हैं कि ज्यादातर मामले प्रेम विवाह के सामने आते हैं। जिसमें देखा जाता है कि परिवार के अन्य सदस्य अपनी बहु को मन से स्वीकार नहीं करते हैं। कमियां खोजते हैं। उसे बेटे को बताकर टेंशन बढ़ाते हैं। तकरार की यह वजह हिंसा का भी कारण ले लेती है। ऐसे में जरूरी है कि विवाह से पहले दोनों प्रेमियों के बीच सभी परिस्थितियों के बारे में अच्छे से बात होनी चाहिए। परिवार को भी विवाह के बाद दोनों को मन से स्वीकार कर सम्मान देना चाहिए। महिला को सम्मान न मिलना, उसके साथ हिंसात्मक व्यवहार दो संबंधों में जहर घोल देती है।
