प्रयागराज: तीसरी लहर से लड़ने के लिए सरकार ने उठाया यह बड़ा कदम
प्रयागराज। कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप के बाद अब योगी सरकार ने तीसरी लहर के लिए कमर कस ली है। सरकार ने अस्पतालों में भी सारी तैयारियां कर ली है। तीसरी लहर में बच्चों को कोरोना होने के आसार ज्यादा होंगे। इसके चलते अस्पतालों में पीकू वार्ड बनाए गए हैं। यूपी ने वैक्सीनेशन में …
प्रयागराज। कोरोना की दूसरी लहर के प्रकोप के बाद अब योगी सरकार ने तीसरी लहर के लिए कमर कस ली है। सरकार ने अस्पतालों में भी सारी तैयारियां कर ली है। तीसरी लहर में बच्चों को कोरोना होने के आसार ज्यादा होंगे। इसके चलते अस्पतालों में पीकू वार्ड बनाए गए हैं।
यूपी ने वैक्सीनेशन में भी रिकॉर्ड बनाया है। 06 करोड़ 53 लाख से अधिक टीकाकरण प्रदेश में किया जा चुका है। जिसमें अब तक 5 करोड़ 49 लाख से अधिक पहली डोज और एक करोड़ 03 लाख से अधिक दूसरी डोज दी जा चुकी है। एक्टिव केस की बात करें तो अब 345 कोरोना केस यूपी में हैं। तीसरी लहर के लिए भी सरकार ने ऑक्सीजन प्लांट की भी सारी तैयारियां रखी हैं। 339 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील किए जा चुके हैं। वहीं 552 ऑक्सीजन प्लांट को क्रियाशील करने का लक्ष्य राज्य सरकार ने निर्धारित किया है। प्रदेश में कोरोना की रिकवरी दर 98.6 प्रतिशत है वहीं, पॉजिटिविटी दर 0.01 प्रतिशत है।
सरकार की ओर से तीसरी लहर की चुनौती से निपटने के लिए अस्पतालों में की गई तैयारी को परखने के लिए पूरे प्रदेश में मॉक ड्रिल भी कराई जा रही है। शुक्रवार को मोतीलाल नेहरू कॉलेज के एसआरएन अस्पताल और तेज बहादुर सप्रू बेली अस्पताल समेत जिले के 6 अस्पतालों में मॉक ड्रिल कराई गई। डब्ल्यूएचओ और सीएमओ ने विशेषज्ञों की टीम भेजी थी। टीम ने अस्पतालों में मॉक ड्रिल किया और साथ ही सभी तैयारियों को भी परखा है। डमी मरीजों पर उपकरणों का प्रयोग कर यह समझने की कोशिश की गईं कि जरुरत पड़ने पर वो ठीक से काम करेंगे या नहीं।

आपको बता दें, ख़ास तौर पर बच्चों के लिए पीकू और नीकू वार्ड बनाएं गए हैं। टीमों ने तैयार किए गए पीकू और नीकू वार्डों में ड्यूटी करने वाले मेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग के बारे में जानकारी भी ली।
