अल्मोड़ा: आसमान से मुआयने के बाद जमीन पर उतरे भू वैज्ञानिक
अल्मोड़ा, अमृत विचार। पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील के जुम्मा में आई आपदा के बाद शुक्रवार को देहरादून से आई भूगर्भ शास्त्रियों की टीम प्रभावित गांव में पहुंची। टीम ने पहले आपदा ग्रस्त क्षेत्र का हेलीकॉप्टर से निरीक्षण किया और बाद में पैदल चलकर टीम गांव में पहुंची। शुक्रवार को देहरादून से पहुंची टीम ने …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील के जुम्मा में आई आपदा के बाद शुक्रवार को देहरादून से आई भूगर्भ शास्त्रियों की टीम प्रभावित गांव में पहुंची। टीम ने पहले आपदा ग्रस्त क्षेत्र का हेलीकॉप्टर से निरीक्षण किया और बाद में पैदल चलकर टीम गांव में पहुंची।
शुक्रवार को देहरादून से पहुंची टीम ने आपदा ग्रस्त गांवों के सर्वे का काम शुरू कर दिया। टीम के सदस्यों ने बताया कि जुम्मा नौला मंदिर हेलीपैड से गांव जाने वाला रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। जामुनी से नाग तक के पैदल ट्रैक की स्थिति भी कुछ खास नहीं है। इस मार्ग पर आवागमन करना काफी खतरनाक साबित हो सकता है।
भूस्खलन के कारण पेयजल लाइन और बिजली की लाइनें बुरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। जिससे बिजली पानी की आपूर्ति यहां ठप है। टीम ने थुलथाम, कठेरी, ढूंगा आदि का भी निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने बताया कि कूलागाड़ नदी से कटाव होने के कारण करीब 22 परिवार खतरे की जद में हैं। यहां प्रभावित परिवारों के विस्थापन और अन्य परिवारों की सुरक्षा के इंतजाम किए जाने काफी जरूरी हैं। जोशीगांव में भी भूस्खलन के कारण मोटर मार्ग और भवनों को नुकसान पहुंचा है। टीम के सदस्यों ने बताया कि पूरे क्षेत्र के सर्वे के बाद भूगर्भीय रिपोर्ट जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को सौंपी जाएगी।
मुनस्यारी के प्रभावित क्षेत्र का भी होगा सर्वे
अल्मोड़ा : पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया है कि जुम्मा गांव और उसके आसपास हुए नुकसान के सर्वे के बाद मुनस्यारी के सैंणराथी गांव का भी भूगर्भीय सर्वे कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि वहां भूमि में दरार आने के बाद प्रशासन की नजर इस गांव पर बनी हुई है। खतरे से बचने के लिए यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
