बरेली: अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी, निर्बाध बिजली आपूर्ति के आदेश
बरेली, अमृत विचार। मंडल के चारों जिलों में शहरी और देहात क्षेत्रों के लोगों को निर्धारित बिजली नहीं मिलने पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सख्त नाराजगी जताई है। सभी जिलों के जनप्रतिनिधियों ने विद्युत अधिकारियों की बिजली अव्यवस्था पर ध्यान नहीं देने को लेकर खूब शिकायतें कीं। जिसका ऊर्जा मंत्री ने कड़ा संज्ञान लेते …
बरेली, अमृत विचार। मंडल के चारों जिलों में शहरी और देहात क्षेत्रों के लोगों को निर्धारित बिजली नहीं मिलने पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सख्त नाराजगी जताई है। सभी जिलों के जनप्रतिनिधियों ने विद्युत अधिकारियों की बिजली अव्यवस्था पर ध्यान नहीं देने को लेकर खूब शिकायतें कीं। जिसका ऊर्जा मंत्री ने कड़ा संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
कहा कि शहरों में लंबे समय से बिजली कटौती, लोकल फाल्ट, ट्रांसफार्मर जलने जैसी शिकायतें मुझ तक खूब पहुंच रही हैं। अधिकारी तत्काल निर्बाध बिजली आपूर्ति कराएं। कहा कि शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे व देहात क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराएं। ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को बरेली मंडल के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर बिजली आपूर्ति की समीक्षा की।
ऊर्जा मंत्री ने बरेली समेत मंडल के अन्य जिलों बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत के जनप्रतिनिधियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। जिसमें उन्होंने बरेली सदर के 132 केवी, शाहजहांपुर शहर के 132 केवी और पीलीभीत के सरदारनगर 220 केवी उपकेंद्र का काम पूरा हो जाने के बाद भी उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल पाने की शिकायत को गंभीरता लिया। एमडी मध्यांचल को जांच कर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने आपूर्ति संबंधी समस्याओं की खुद अपने स्तर पर निगरानी करने को कहा। उन्होंने वितरण क्षेत्र में सुधारों के लिए जनप्रतिनिधियों से रिवैम्प डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के लिए प्रस्ताव भी मांगे।
उन्होंने कहा कि नई योजना के तहत नए 33/11 केवी उपकेंद्रों का निर्माण, ओवरलोड 33/11 केवी उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि, एलटी लाइनों पर एबी केबलिंग, 33 केवी और 11 केवी के फीडरों का विभक्तिकरण, जर्जर तारों को बदलने का कार्य, नए 11 केवी फीडरों का निर्माण, ओवर लोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, ओवरलोडिंग समाप्त करने के लिए नए ट्रांसफॉर्मर लगाने का काम शुरू किया जाना है। जिससे विद्युत आपूर्ति संबंधी बहुत सी समस्याओं का स्थायी निराकरण हो जाएगा।
उन्होंने एमडी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को इस संबंध में सभी जनप्रतिनिधियों से शीघ्र ही प्रस्ताव लेकर कारपोरेशन को भेजने के निर्देश भी दिए।
बार-बार ट्रांसफार्मर फुंकने पर तय हो जवाबदेही
एक ही स्थान पर ट्रांसफार्मर के बार-बार जलने और मरम्मत के बाद भी फुंक जाने की शिकायतों पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली की कहीं भी कमी नहीं है, सभी अधिकारी आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी करें। आपूर्ति के संबंध में कोई भी ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। एमडी खुद इसकी सतत समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि बरेली को ऊर्जा की दृष्टि से स्मार्ट बनाया जाए। जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो।
गांवों में एबी केबलिंग का काम जहां हो गया है, उसकी जानकरी जनप्रतिनिधि को जरूर दी जाए। साथ ही होने वाले कार्य भी शीघ्र कराने के निर्देश दिए। ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए लंबित आवेदनों का भी शीघ्र निस्तारण करने व ट्यूबवेल फीडर सेपरेशन के सेकंड फेज का काम भी शीघ्र करने का निर्देश दिया। मंडल के जनपदों में जिन क्षेत्रों में नए उपकेंद्र प्रस्तावित हैं उनका प्रस्ताव रिवैम्प योजना में अवश्य ले लें। ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि के प्रस्तावों को तत्काल मंजूर कराकर काम भी तेजी से करवाए जाएं।
सोशल मीडिया पर आने वाली शिकायतों को सुनें अधिकारी
ऊर्जा मंत्री ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के लिए सभी फीडरों पर संबंधित क्षेत्र की आपूर्ति का रोस्टर चस्पा कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपूर्ति सम्बन्धी समस्याओं पर किसी भी प्रकार का तर्क स्वीकार्य नहीं है। अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखें। जनता व जनप्रतिनिधियों से नियमित संवाद रहे, जिससे समस्याओं का निस्तारण करने में आसानी हो। उन्होंने एमडी मध्यांचल को निर्देश दिए कि क्षमता वृद्धि के प्रस्तावों की अपने स्तर पर समीक्षा कर लें।
प्राथमिकता के आधार पर कार्य कराए जाएं और जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना भी दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायतों को सुनें। 1912 की शिकायतों और टेलीफोन पर आने वाली शिकायतों को भी तेजी से निस्तारित करें। ऊर्जा मंत्री ने जनप्रतिनिधियों के सुझावों व समस्याओं का एक सप्ताह में निस्तारण करने के निर्देश भी दिए।
