हल्द्वानी: कोरोना के मामलों में अब भी राहत, लेकिन सतर्क रहने की जरूरत
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के मामलों में उत्तराखंड की स्थिति अब भी सही चल रही है। पिछले एक माह में राज्य में 859 कोरोना के मामले मिले हैं। खासतौर से पहाड़ी इलाकों में कोरोना के मामलों में काफी सुधार आया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के मामलों में उत्तराखंड की स्थिति अब भी सही चल रही है। पिछले एक माह में राज्य में 859 कोरोना के मामले मिले हैं। खासतौर से पहाड़ी इलाकों में कोरोना के मामलों में काफी सुधार आया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी है।
कोरोना की दूसरी लहर के पीक के दौरान जहां राज्य में एक ही दिन में 2500 से ज्यादा मामले आ रहे थे वहीं, अब कोरोना का कहर धीरे-धीरे कम हो गया है। जहां एक ओर देश के अन्य राज्यों महाराष्ट्र, केरल, आसाम, मणिपुर, नागालैंड आदि में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है वहीं उत्तराखंड में अब भी राहत है।
यहां कई जिलों में कई बार कोरोना के मामले में भी नहीं मिले। हालांकि राजधानी देहरादून में अन्य जिलों की अपेक्षा स्थिति उतनी ठीक नहीं है लेकिन दूसरी लहर के पीक से तुलना से करें तो यहां भी हालात काफी सही हुए हैं। इधर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न करें। मास्क जरूर लगाएं और समय-समय पर हाथ साबुन से धोते रहें। साथ ही सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें।
आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट का नियम आया काम
हल्द्वानी। उत्तराखंड प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। जब यहां पर कोविड नियमों में ढील दी गई तब यहां पर पर्यटकों की आमद बढ़ने लगी। तब यह आशंका जताई जा रही थी कि बाहर से आने वाले पर्यटकों की वजह से यहां पर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पर्यटकों के लिए आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य करने की वजह से कोरोना के मामलों में रोक जारी रखने में कामयाबी मिली। हालांकि रोडवेज स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर अभी भी इस मामले में लापरवाही की जा रही है। इस पर विभाग को ध्यान देना होगा।
टीकाकरण में अन्य राज्यों की अपेक्षा बेहतर स्थिति
हल्द्वानी। उत्तराखंड में वयस्कों में 66 प्रतिशत लोगों को कोरोना का एक और 21 प्रतिशत लोगों को कोरोना के दोनों टीके लग चुके हैं जबकि उत्तर प्रदेश में यह आकड़ा क्रमश: 32 और 6 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 40 और 16 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 54 और 12 प्रतिशत, दिल्ली में 59 और 24 प्रतिशत, आसाम में 48 और 10 प्रतिशत है। टीकाकरण के मामले में राज्य में पिछले एक माह में स्थिति काफी सुधरी है। अनुमान है कि उत्तराखंड में सितंबर माह में करीब 90 प्रतिशत आबादी को कोरोना का एक टीका और 40 प्रतिशत आबादी को दोनों टीके लग जाएंगे।
डेल्टा प्लस ने बढ़ाई चिंता
हल्द्वानी। राज्य के कई जिलों में कोरोना का नया डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले मिल चुके हैं। धारचूला तक में इस वैरिएंट की पुष्टि हो गई है। पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना जांच के मामलों में कमी कर दी थी जिसे अब बढ़ा दिया गया है।
कोरोना के मामलों में कमी आई है। टीकाकरण की गति भी बढ़ी है। लोगों को सलाह है कि वह कोविड नियमों का सख्ती से पालन करें और बारी आने पर टीकाकरण करवाएं।- डॉ. शैलजा भट्ट, स्वास्थ्य निदेशक, कुमाऊं
पिछले एक माह में उत्तराखंड में आए कोरोना के मामले
जिला कोरोना के मामले
अल्मोड़ा 28
बागेश्वर 63
चमोली 60
चंपावत 43
देहरादून 191
हरिद्वार 64
नैनीताल 60
पौड़ी 60
पिथौरागढ़ 63
रुद्रप्रयाग 41
टिहरी 69
ऊधमसिंह नगर 59
उत्तरकाशी 40
