बरेली: गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का मुसलमानों ने किया समर्थन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट के गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के सुझाव को मुस्लिम समुदाय से भी समर्थन मिलने लगा है। कई मुस्लिमों ने भी हाईकोर्ट के इस सुझाव का स्वागत किया है। वहीं तमाम दलों और संगठनों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। कई मुस्लिम संगठनों ने भी आगे आकर इसका …

बरेली, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट के गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के सुझाव को मुस्लिम समुदाय से भी समर्थन मिलने लगा है। कई मुस्लिमों ने भी हाईकोर्ट के इस सुझाव का स्वागत किया है। वहीं तमाम दलों और संगठनों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। कई मुस्लिम संगठनों ने भी आगे आकर इसका समर्थन किया है।

मुस्लिमों का कहना है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के बाद उसका सम्मान किया जाने लगेगा। उनका कहना है कि गाय के संरक्षण और सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर एक कानून बनना चाहिए, जिससे गाय की हिफाजत भी हो सकेगी और उनका सम्मान भी होगा। इसके साथ ही सभी से गाय की सुरक्षा करने के पुख्ता इंतजाम भी करने का अनुरोध किया है।

कोर्ट ने सरकार को सलाह दी है, उसका हम स्वागत करते हैं। मुसलमानों को इस बात से कोई ऐतराज नहीं है कि वो गाय को राष्ट्रीय पशु घाषित करें। मगर गाय के साथ होने वाली समस्याओं का भी समाधान होना चाहिए। नेशनल हाईवे पर जो झुंड बनाकर गाय बैठती हैं, उस समस्या का समाधान होना चाहिए। खेतों में चरने वाली गायों को रोकने का भी उपाय होना चाहिए। गौशाला में भी चारे के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। – मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी, दरगाह आला हजरत

गाय को अब राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए। केंद्र सरकार को इस पर विचार करने की जरूरत है। यह सुझाव बहुत अच्छा है, हम उसका स्वागत करते हैं। हमारी टीम को गौकशी से संबंधित कोई भी सूचना मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित कर मौके पर पहुंचती है। गाय राष्ट्रीय पशु हो, इस बात किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए। – रोशनी खान, टीएमजेड वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष

हाईकोर्ट के इस सुझाव का हम स्वागत करते हैं। सरकार को कोर्ट के इस सुझाव पर काम करना चाहिए। इससे गाय का सम्मान बढ़ेगा। वहीं गाय की सुरक्षा को लेकर भी विचार होना चाहिए। सड़कों पर आवारा घूमने वाली गायों को लेकर भी सख्त कदम उठाने चाहिए। उनके लिए गौशाला में पर्याप्त भोजन और अन्य खाने की चीजें भी होनी चाहिए। – फरहत नकवी, मेरा हक फाउंडेशन अध्यक्ष

संबंधित समाचार