अल्मोड़ा: सर्वे के बाद भी नहीं बना कनारीछीना-बिनूक मोटर मार्ग
अल्मोड़ा, अमृत विचार। विकास खंड की बहुप्रतीक्षित कनीरीछीना-बिनूक मोटर मार्ग के सर्वे के बाद भी उसका निर्माण न होने से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सड़क मार्ग के न होने के कारण यहां के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन लंबी मांग के बाद …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। विकास खंड की बहुप्रतीक्षित कनीरीछीना-बिनूक मोटर मार्ग के सर्वे के बाद भी उसका निर्माण न होने से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि सड़क मार्ग के न होने के कारण यहां के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लेकिन लंबी मांग के बाद भी प्रशासन और विभाग ग्रामीणों की इस समस्या की अनदेखी कर रहा है। कनारीछीना-बिनूक मोटर मार्ग के निर्माण के संबंध में रीठागाड़ी दगडिय़ों संघर्ष समिति के तत्वावधान में लिंगुणता और नौगांव के ग्रामीणों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह मार्ग राज्य गठन से पूर्व से लोक निर्माण विभाग के अधीन है। ग्रामीणों के लंबे संघर्ष के बाद बड़ी मुश्किल से इस सड़क मार्ग का वर्षों पूर्व सर्वे भी करा लिया गया था।
लेकिन इस मार्ग में किसी भी व्यक्ति की नाप जमीन न होने के बाद भी कुछ लोगों द्वारा इस मामले को विवादित कर दिया। लेकिन लोक निर्माण विभाग ने आज तक इस विवाद को खत्म कर इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया। ग्रामीणों ने कहा है कि सड़क न होने के कारण वह अपने उत्पादों को बाजार तक नहीं ले जा पाते।
जबकि रोगियों को अस्पताल पहुंचाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बैठक में तय किया गया कि इस मार्ग के निर्माण के लिए शीघ्र ही एक शिष्टमंडल लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मिलेगा। फिर भी कोई कार्रवाई नही की गई तो आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में ग्राम प्रधान हेमा देवी, बिरेंद्र बिष्ट, खुशाल राम, बालम सिंह, गोपाल सिंह, बहादुर राम, बिशन राम, लछम सिंह, जैत सिंह आदि मौजूद रहे।
