हल्द्वानी: डिजिटल मैप के लिए 31 अक्तूबर तक नगर निगम उड़ा सकेगा ड्रोन
हल्द्वानी, अमृत विचार। नगर निगम अब डिजिटल मैप के लिए शहर में ड्रोन उड़ा सकेगा। इसके लिए जिला अधिकारी से अनुमति मिल गई है। सीओ सिटी ऑफिस में डेढ़ महीने से फाइल रुके होने और फिर डीएम से अनुमति न मिलने से जीआईएस (जियोग्राफिकल इनफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे रुका हुआ था। अब निगम 31 अक्तूबर तक …
हल्द्वानी, अमृत विचार। नगर निगम अब डिजिटल मैप के लिए शहर में ड्रोन उड़ा सकेगा। इसके लिए जिला अधिकारी से अनुमति मिल गई है। सीओ सिटी ऑफिस में डेढ़ महीने से फाइल रुके होने और फिर डीएम से अनुमति न मिलने से जीआईएस (जियोग्राफिकल इनफॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे रुका हुआ था। अब निगम 31 अक्तूबर तक ड्रोन के माध्यम से सभी 60 वार्डों के गली मोहल्ले की हर संपत्ति को कैमरे में कैद करना होगा।
शहरी विकास निदेशालय द्वारा हल्द्वानी सहित प्रदेश के चार निकायों को डिजिटल मैप बनाने को कहा गया था। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से अनुमति मिलने के बाद निगम स्थानीय प्रशासन से ड्रोन उड़ाने की अनुमति लेने की तैयारी में जुट गया था। जीआईएस सर्वे के तहत सैटेलाइट इमेज जुट ली गई थी।
अगस्त से ड्रोन भी उड़ना था, लेकिन सरकारी विभागों में फाइल रुके होने से निगम यह काम समय पर शुरू नहीं कर सका। पहले फाइल सीओ सिटी ऑफिस में डेढ़ महीने तक रुकी रही। उसके बाद डीएम के अनुमति की मुहर लगना बाकी रह गई थी। नवागंतुक नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय के आने के बाद शुक्रवार को डीएम द्वारा भी ड्रोन उड़ाने के लिए अनुमति जारी कर दी गई है। डिजिटल मैप तैयार होने से नगर निगम के पास शहर की सभी संपत्तियों का ब्योरा मौजूद रहेगा।
पोर्टल पर दर्ज होगा ब्योरा
-नगर निगम क्षेत्र के सभी 60 वार्ड करीब 52 वर्ग किमी क्षेत्रफल में है। डिजिटल मैप तैयार होने के बाद भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, मैदान, स्कूल, खाली प्लाट, कॉलेज, पार्क, सड़क, नाले सहित हर संपत्ति व संपत्ति स्वामियों का नाम व पता वेब पोर्टल पर दर्ज हो जाएंगी।
इसके बाद निगम आपत्तियां सुनेगा। इनके निस्तारित करने के बाद अंतिम रूप से डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। डिजिटल मैप तैयार होने के बाद टैक्स की गणना, सत्यापन, निगरानी आदि आसान हो जाएगी। डिजिटल होने से लोगों को भी घर से ऑनलाइन टैक्स भरने में सुविधा होगी।
पहले लोगों को किया जाएगा सूचित
सहायक नगर आयुक्त गौरव भसीन ने बताया कि ड्रोन को रेड जोन में नहीं उड़ाया जा सकता है। नगर निगम क्षेत्र में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं आता है, जहां इस तरह की पाबंदी हो। इसके साथ ही जो कंपनी सर्वे करेगी, उसे ही पहले लोगों को इसकी जानकारी देनी होगी। इससे ड्रोन में किसी की व्यक्तिगत स्थिति को रिकार्ड नहीं किया जा सकेगा।
जीआईएस सर्वे महत्वपूर्ण है। इससे नगर निगम की आय भी बढ़ेगी और शहर की हर संपत्ति का ब्योरा निगम के पास ऑनलाइन मौजूद रहेगा। ड्रोन से सर्वे के लिए अनुमति बकाया थी, जो कि मिल गई है। इसी सप्ताह इसकी शुरुआत कर दी जाएगी। 31 अक्तूबर तक ब्योरा तैयार करने का समय दिया गया है।-पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त
