बरेली: भ्रांतियों को दूर कर कैंसर का इलाज कराएं
बरेली, अमृत विचार। कैंसर रोग के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने का प्रयास व्यापक रूप से किया जा रहा है। वर्तमान समय में दिनचर्या में लापरवाही और संतुलित भोजन के अभाव में लोग इस रोग की चपेट में आ रहे हैं। शनिवार को रोटरी क्लब एवं बरेली सेंट्रल और रोटरी क्लब कुतुब एन्क्लेव गुडगांव द्वारा …
बरेली, अमृत विचार। कैंसर रोग के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने का प्रयास व्यापक रूप से किया जा रहा है। वर्तमान समय में दिनचर्या में लापरवाही और संतुलित भोजन के अभाव में लोग इस रोग की चपेट में आ रहे हैं। शनिवार को रोटरी क्लब एवं बरेली सेंट्रल और रोटरी क्लब कुतुब एन्क्लेव गुडगांव द्वारा शनिवार को चौपुला स्थित रोटरी भवन में ‘कैंसर जागरुकता विषय’ पर परिचर्चा आयोजित की गयी जिसमें कैंसर रोग को लेकर विशेषज्ञों ने आधुनिक जानकारियों और रोग के उपचार के बारे में विस्तार से लोगों को बताया।
गुडगांव के पारस अस्पताल के चेयरमैन डा. कर्नल आर रंगाराव ने बताया कि इस रोग के बारे में आधुनिक तकनीकियों और दवाओं के आने के बाद से यह रोग अब लाइलाज नहीं रहा बल्कि समय पर उपचार मिलने पर रोगी को बचाया जा सकता है। वर्तमान में अनेक प्रकार के कैंसर उपचार पद्धति के बारे में लोगों में जानकारी के अभाव में कुछ भ्रांतियां हैं, लोगों को इन भ्रांतियों को दरकिनार कर इस रोग की जांच कर उपचार कराना चाहिए। बताया कि इस रोग से बचने के लिए लोगों को तंबाकू, सिगरेट, शराब आदि का सेवन नहीं करना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा संतुलित आहार लेना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन आलोक प्रकाश ने किया।
यह लोग रहे मौजूद
रोटरी क्लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम में रोटरी क्लब एवं बरेली सेंट्रल के प्रेसीडेंट डा. अंशु गर्ग, सचिव डा. सुजॉय मुखर्जी, संयोजक डा. निखिल अग्रवाल, सह संयोजक राजीव खुराना,रजनीश अग्रवाल, विकास, राजेश अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, प्रेम प्रकाश, अंशु मलिक, डा. मोनिका गर्ग, डा. अजय राज शर्मा, आशू अग्रवाल, अतुल कपूर, विशाल महरोत्रा, भारत कव्लानी सहित काफी संख्या में नगर के गणमान्य लोग व पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
रोटरी ने दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम को आयोजन करने के पीछे लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक करना है। यह जानकारी देते हुए कार्यक्रम आयोजक राजीव खुराना ने बताया कि आजकल ज्यादातर लोग जानकारियों के अभाव में इस बीमारी के प्रति गंभीर नहीं होते और समय से उपचार नहीं करा पाते हैं। जब तक इस रोग का पता चलता है तब तक उपचार का समय निकल चुका होता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग इस रोग से बचे रहने के लिए सात्विक दिनचर्या का पालन करें और संतुलित भोजन ही लें।
