बरेली: छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में गूंजेगा वसूली का मुद्दा
बरेली, अमृत विचार। छावनी क्षेत्र में स्थित पार्कों में लोगों से 10 गुना प्रवेश शुल्क वसूली का मामला गरमाता जा रहा है। इस मामले की जानकारी होने पर स्थानीय लोगों ने भी विरोध शुरू कर दिया है। उन्होंने बोर्ड से वूसली पर सख्त रुख अख्तियार करने की बात कही है। छावनी परिषद के पदाधिकारियों ने …
बरेली, अमृत विचार। छावनी क्षेत्र में स्थित पार्कों में लोगों से 10 गुना प्रवेश शुल्क वसूली का मामला गरमाता जा रहा है। इस मामले की जानकारी होने पर स्थानीय लोगों ने भी विरोध शुरू कर दिया है। उन्होंने बोर्ड से वूसली पर सख्त रुख अख्तियार करने की बात कही है। छावनी परिषद के पदाधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से इसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मंशा व्यक्त की है। पार्कों में अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए छावनी परिषद की बोर्ड बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
चिल्ड्रेन पार्क और फूलबाग के पार्कों में लोगों से 20 रुपये का प्रवेश शुल्क वसूला जाता है। जबकि, छावनी परिषद ने लोगों के लिए सिर्फ 2 रुपये का प्रवेश शुल्क निर्धारित किया है। परिषद के अधीन पार्कों का संचालन ठेकेदारों के जरिये किया जाता है। लोगों को शुल्क की जानकारी हो सके इसके लिए परिषद की ओर से बाकायदा शुल्क बोर्ड भी लगाया गया है लेकिन पार्क ठेकेदारों ने अवैध वसूली को अंजाम देने के लिए बोर्ड पर छपे प्रवेश शुल्क को खुरच कर अस्पष्ट कर दिया है।
पार्कों में लंबे समय से 20 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है। इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के लिए उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी। बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। पार्क के आसपास वाहन खड़ा करने के लिए भी लोगों की पार्क संचालकों से तीखी नोकझोंक की कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं। ठेकेदारों की करतूत के कारण छावनी परिषद की छवि भी धूमिल हो रही है। -मीता सती, पूर्व उपाध्यक्ष, छावनी परिषद, बरेली
छावनी क्षेत्र के पार्कों में लोगों से इस प्रकार से प्रवेश के नाम पर 10 गुना तक शुल्क वसूला जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विभागीय उच्चाधिकारियों से वार्ता कर इस तरह हो रही वसूली पर रोक लगाने की मांग की जाएगी। प्रस्तावित बोर्ड बैठक में भी यह मामला उठाया जाएगा ताकि आमजनों को 10 गुना वसूली से निजात मिल सके। -शिखा नायर, निवर्तमान उपाध्यक्ष, छावनी परिषद , बरेली
दोनों पार्क के ठेकेदारों के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। ठेकेदारों को तीन दिन के भीतर जवाब देने के लिए समय दिया गया है। अभी मामले की जांच जारी है। दोषी पाए जाने पर ठेका निरस्त की कार्रवाई भी हो सकती है। -विकास गुप्ता, आरआई, छावनी परिषद, बरेली
