लखनऊ: CBI इंस्पेक्टर बन सरकारी नौकरी दिलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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लखनऊ। राजधानी में सीबीआई इंस्पेक्टर (CBI Inspector) बनकर सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में गिरोह की दो महिला सदस्य भी शामिल हैं। महिला सदस्यों की ओर से ही बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कैंडिडेट लाने का काम …

लखनऊ। राजधानी में सीबीआई इंस्पेक्टर (CBI Inspector) बनकर सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में गिरोह की दो महिला सदस्य भी शामिल हैं। महिला सदस्यों की ओर से ही बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कैंडिडेट लाने का काम दिया गया था। गिरोह के सदस्य एक लाख से पांच लाख रुपए के बीच लोगों को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे।

वहीं, रकम मिलने के बाद शातिर इलाका छोड़कर फरार हो जाते थे। गिरोह की ओर से अभी तक 15 से 20 लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की गई है। प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर आलोक राय की मानें तो गिरोह के सदस्य पहले तो बेरोजगारों को सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देते थे। उसे यह भी भरोसा दिलाते थे कि यह बात किसी को पता नहीं चल सके। नहीं तो वह अपना काम ठीक से नहीं कर पाएंगे।

पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को मुखबिर की सूचना पर इलाके से ही गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों में कृष्णानगर निवासी राहुल सिंह, कुशीनगर निवासी मुकेश तिवारी, विनीतखंड गोमतीनगर निवासी कविता नयाल जोशी व कपूरथला चांदगंज निवासी प्रिया वर्मा शामिल हैं। इनके पास से पुलिस ने दो सीबीआई निरीक्षक के फर्जी परिचय पत्र के साथ ही कई अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अभी तक की पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वह लोग जिला पंचायत कार्यालय में बेरोजगारों को विभन्न योजनाओं का जिला कोऑर्डिनेटर बनाकर उनके साथ ठगी कर रहे थे।

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