हल्द्वानी: 14 हजार पेंशनर्स का डाटा होगा डिजिटल
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोषागार ने पेंशनर्स के डाटा का डिजिटाइजेशन शुरू कर दिया है। हल्द्वानी में ही लगभग 14 हजार पेंशनर्स का डाटा ऑनलाइन किया जाएगा। कोषागार अधिकारियों के अनुसार, पेंशनर्स का डाटा दस्तावेज में है। हल्द्वानी कोषागार से ही 12-14 हजार पेंशनर्स को पेंशन दी जाती है। हजारों पेंशन का दस्तावेज रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। …
- हल्द्वानी, अमृत विचार। कोषागार ने पेंशनर्स के डाटा का डिजिटाइजेशन शुरू कर दिया है। हल्द्वानी में ही लगभग 14 हजार पेंशनर्स का डाटा ऑनलाइन किया जाएगा।
कोषागार अधिकारियों के अनुसार, पेंशनर्स का डाटा दस्तावेज में है। हल्द्वानी कोषागार से ही 12-14 हजार पेंशनर्स को पेंशन दी जाती है। हजारों पेंशन का दस्तावेज रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। कागजों के रखरखाव में परेशानी होती है। कभी दीमक, बारिश वगैरह से रिकॉर्ड के नष्ट होने का खतरा रहता है इसलिए रिकॉर्ड को ऑन लाइन करने का फैसला लिया गया है।
फिलहाल पेंशनर्स के रिकॉर्ड को डिजिटाइज करना शुरू कर दिया गया है। जिन पेंशनर्स का रिकॉर्ड अधूरा है, उन्हें सूचित किया जा रहा है ताकि वे दस्तावेज उपलब्ध कराएं और उनका रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा सके।
रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के लिए इन दस्तावेजों की है जरूरत
पेंशनर्स का आधार कार्ड, पैन कार्ड, नवीनतम जीवन प्रमाणन पत्र
हल्द्वानी में 12-14 हजार पेंशनर्स हैं। इन पेंशनर्स का डाटा ऑनलाइन किया जा रहा है। सभी पेंशनर्स से अपील है कि अपना रिकॉर्ड जमा कराएं ताकि डिजिटाइजेशन में परेशानी नहीं हो।-सूर्य प्रताप सिंह, कोषाधिकारी, हल्द्वानी कोषागार
पेंशन के ऑनलाइन प्रमाणन के नाम पर हो रही ठगी
साइबर अपराधी पेंशन के ऑनलाइन प्रमाणन के नाम पर ठगी कर रहे हैं। आए दिन पेंशनर्स से ऑनलाइन प्रमाणन के नाम पर बैंक खातों, ओटीपी की जानकारी लेकर हजारों-लाखों रुपए खातों से उड़ा लिए जा रहे हैं।
कोषागार अधिकारियों के अनुसार कोषागार ने पेंशनर्स के ऑनलाइन प्रमाणन की सुविधा शुरू की है। इस सुविधा के अंतर्गत पेंशनर्स नजदीकी सीएससी सेंटर से बायो मैट्रिक एंट्री (आंख की रेटिना और अंगूठे की छाप) देकर जीवन प्रमाणन करा सकता है। लेकिन पेंशनर्स को इसकी जानकारी नहीं है। ऐसे में पेंशनर्स यह सोचते हैं कि फोन पर ऑनलाइन प्रमाणन हो सकता है तो वह अपनी गोपनीय जानकारियां ओटीपी, बैंक खाते वगैरह साइबर ठग के साथ साझा कर देते हैं और ठगी के शिकार हो जाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि कोषागार विभाग ऑनलाइन प्रमाणन के लिए कोई कॉल नहीं करता है। यदि कोई कॉल करता है तो जानकारी साझा नहीं करे।
मुख्य कोषागार अधिकारी अनीता आर्य ने कहा कि ऑनलाइन प्रमाणन के लिए कोई भी कॉल विभाग की ओर से नहीं की जाती है। यदि कोई कॉल करता है तो उसे कोई भी जानकारी नहीं दे।
