उत्तराखंड के CM ने किया ऐलान- कल से शुरू होगी चारधाम यात्रा
देहरादून। उत्तराखंड हाईकोर्ट से सशर्त मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा शुरू होने की तारीख की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 18 सितंबर से शुरू होगी। इस दौरान उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। वहीं कल से हेमकुण्ड …
देहरादून। उत्तराखंड हाईकोर्ट से सशर्त मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा शुरू होने की तारीख की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 18 सितंबर से शुरू होगी। इस दौरान उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। वहीं कल से हेमकुण्ड साहिब के कपाट भी खुलेंगे।
उच्च न्यायालय ने गुरुवार को उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सशर्त मंजूरी दे दी थी। अदालत ने राज्य सरकार को कोविड-19 प्रोटोकॉल के सख्त अनुपालन एवं मंदिर में श्रद्धालुओं की निर्धारित दैनिक संख्या जैसे प्रतिबंधों के साथ ही यात्रा संचालित करने का निर्देश दिया था। महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर और मुख्य स्थायी अधिवक्ता सीएस रावत सरकार की तरफ से अदालत में पेश हुए थे।
यात्रा पर लगा प्रतिबंध हटाते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने विस्तृत निर्देश दिए थे। चारधाम के नाम से प्रसिद्ध उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में श्रद्धालुओं की दैनिक सीमा निर्धारित करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि केदारनाथ धाम में प्रतिदिन अधिकतम 800, बदरीनाथ में 1200, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 यात्रियों को दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, यात्रियों को मंदिरों के आसपास स्थित झरनों में स्नान की अनुमति नहीं होगी। अदालत ने कहा कि चमोली, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में चारधाम यात्रा के दौरान जरुरत के अनुसार पुलिस बल तैनात किया जाएगा। चमोली में बदरीनाथ, रूद्रप्रयाग में केदारनाथ और उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर स्थित हैं।
हर सप्ताह पेश होगी रिपोर्ट
अदालत ने हेलीकॉप्टर सेवा की व्यवस्था करने के साथ डीएम की जिम्मेदारी भी तय की है । अगर कोई सामाजिक संगठन यात्रा के दौरान काम करना चाहता है तो वो खुद इसको तय कर सकते हैं। हाईकोर्ट ने सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी निर्देश दिए हैं कि वे चारधाम यात्रा की निगरानी रिपोर्ट हर सप्ताह कोर्ट को पेश करेंगे।
धामी सरकार के लिए बड़ी राहत
उत्तराखंड हाईकोर्ट का यह फैसला उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। चारधाम यात्रा से लाखों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी होने के कारण राज्य सरकार पर इसे शुरू करने का चौतरफा दवाब था। राज्य मंत्रिमंडल ने चमोली, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के निवासियों को मंदिर दर्शन की अनुमति देने का फैसला किया था।
बाद में कोविड के हालात सुधरने पर दूसरे राज्य के निवासियों को इसकी अनुमति देने का विचार था। लेकिन कोविड हालात के कारण पैदा हुई अनिश्चितता के बीच हाईकोर्ट ने 28 जून को राज्य मंत्रिमंडल के सीमित स्तर पर चारधाम यात्रा शुरू करने के निर्णय पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी। हालांकि बाद में शीर्ष न्यायालय में दाखिल याचिका वापस लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट की ही शरण ली थी।
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