हल्द्वानी: कन्याल को मौत मिली, पुलिस को नहीं मिली वजह

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। पुलिस डायरी में ऐसी तमाम मौतें दर्ज हैं, जिनकी वजह और कातिल आज तक रहस्य से बाहर नहीं निकले। ऐसे तमाम मामलों में एफआर लगाई जा चुकी है। ट्रांसपोर्टर पवन कन्याल भी सवा महीने पहले लापता हुए थे और 17 सितंबर को उनकी लाश दो गांव के पास जंगल में मिली। मामले …

हल्द्वानी, अमृत विचार। पुलिस डायरी में ऐसी तमाम मौतें दर्ज हैं, जिनकी वजह और कातिल आज तक रहस्य से बाहर नहीं निकले। ऐसे तमाम मामलों में एफआर लगाई जा चुकी है। ट्रांसपोर्टर पवन कन्याल भी सवा महीने पहले लापता हुए थे और 17 सितंबर को उनकी लाश दो गांव के पास जंगल में मिली। मामले में सबसे अहम बात यही है कि पवन की मौत आत्महत्या है या फिर कत्ल की सोची समझी साजिश, अभी भी इस पर पर्दा पड़ा है।

सुभाषनगर आवास विकास निवासी पवन कन्याल अपने घर का इकलौता बेटा था। अब घर में मां, पत्नी और दो बेटियां हैं। घरवालों को उम्मीद थी कि 16 अगस्त से लापता पवन लौट आएगा, लेकिन 17 सितंबर को उनकी उम्मीद तब टूट गई जब ये खबर आई कि जंगल में पवन की लाश मिली है। पुलिस मान रही है कि ये आत्महत्या है और इसके पीछे कर्ज को वजह बताई गई। हालांकि कर्ज की बात से परिजनों ने इंकार कर दिया और कहाकि पवन आत्महत्या नहीं कर सकता।

उसका कत्ल किया गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और परिजनों को सौंप दिया। यहां से पुलिसिया तफ्तीश पर विराम लग गया। क्योंकि पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है और पोस्टमार्टम होने के चार दिन बाद भी पीएम रिपोर्ट पुलिस तक नहीं पहुंची। पुलिस का कहना है कि पीएम रिपोर्ट के बाद ही पुलिस का कार्रवाई आगे बढ़ेगी। बहरहाल, पवन की मौत हो चुकी है और पवन की मौत और मौत की वजह अभी तक पुलिस को नहीं मिली।

परिजनों ने नहीं दी अब तक तहरीर
परिजनों को जब पता लगा था कि पवन की लाश दो गांव के जंगल में गूल में मिली है तो वह सन्न रह गए। उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं था कि पवन खुदखुशी कर सकता है। क्योंकि पुलिस ऐसा ही मान रही थी। लाश मिलने के रोज घरवालों ने कहा था कि वह इस मामले में कत्ल की तहरीर देंगे, लेकिन अभी तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली है। समभवत: परिजन भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

एक हफ्ते से ज्यादा पुरानी नहीं थी लाश
इस मामले में पुलिस सूत्रों के हवाले से बड़ी बात सामने निकल कर आ रही है। बताया जा रहा है कि पवन की लाश एक माह पुरानी नहीं है। लाश ज्यादा से ज्यादा एक माह पुरानी है। सूत्रों ने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम लाश ज्यादा समय तक सलामत नहीं रह सकती, जबकि पवन की लाश इस हालत में थी कि उसे पहचाना जा सकता था। अमूमन एक पुरानी लाश की पहचान मुश्किल हो जाती है।

डाक कर्मी की मौत भी रहस्य बन गई
17 सितंबर को पवन की लाश मिली और 18 सितंबर को निवारण नगर निवासी डाक विभाग में बाबू महेश कुमार ने फांसी लगाकर जान दे दी। मौत की रात महेश का पत्नी से विवाद भी हुआ था और मौत के बाद चार पन्नों का सुसाइड नोट बरामद किया गया था। इसमें महेश ने माफी मांगी और कहा कि मै सबका अपराधी हूं, लेकिन सुसाइड नोट में मौत की वजह कहीं साफ नहीं थी और वजह अब भी साफ नहीं है।

 

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