लखनऊ: नौकरी के नाम पर आठ लाख ठगे, मुकदमा दर्ज
लखनऊ। चिनहट थाना क्षेत्र में दो युवकों से जालसाजों ने नौकरी के नाम पर आठ लाख ठग लिए, आरोपी ने एफसीआई और बैंक में नौकरी लगवाने का दावा किया था। नियुक्ति नहीं होने पर पीड़ितों ने चिनहट कोतवाली पहुंच कर मुकदमा दर्ज कराया है। मूलत: मऊ निवासी राजीव विश्वकर्मा दोस्त विकास कुमार के साथ अर्जुनगंज …
लखनऊ। चिनहट थाना क्षेत्र में दो युवकों से जालसाजों ने नौकरी के नाम पर आठ लाख ठग लिए, आरोपी ने एफसीआई और बैंक में नौकरी लगवाने का दावा किया था। नियुक्ति नहीं होने पर पीड़ितों ने चिनहट कोतवाली पहुंच कर मुकदमा दर्ज कराया है। मूलत: मऊ निवासी राजीव विश्वकर्मा दोस्त विकास कुमार के साथ अर्जुनगंज में किराए पर रहता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के साथ वे नौकरी के लिए प्रयासरत थे।
एक साल पूर्व पहचान नवनीत राय से हुई थी। जो मऊ का होने का दावा करता था। नवनीत ने बताया था कि वह पुलिस सिपाही है। वर्तमान में तैनाती चिनहट कोतवाली में है। एक ही जनपद का होने से राजीव और विकास की कथित सिपाही से बात होने लगी थी। नवनीत को युवकों ने नौकरी तलाशने की जानकारी दी थी।
नवनीत ने राजीव और विकास को बताया कि पुलिस में होने से उसके कई अधिकारियों से संबंध हो गए हैं। एक परिचित के जरिए वह एफसीआई और बैंक में नियुक्ति करा सकता है। मगर नियुक्ति से पहले रुपये खर्च करने होंगे। आरोपी ने प्रति व्यक्ति चार लाख रुपये मांगे थे। लेकिन बाद में नौकरी नहीं लगी।
क्लेम के नाम पर रेलकर्मी से ठगी
वहीं बंद हो चुकी इश्योरेंस पॉलिसी पर क्लेम दिलाने का झांसा देते हुए रेलकर्मी कर्मी से 24 हजार रुपये ठगों ने झटक लिए। पीड़ित ने कृष्णानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। ओशोनगर निवासी शिव कुमार डीआरएम ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्होंने निजी कम्पनी से वर्ष 2011 में पॉलिसी थी। तीन साल तक उन्होंने किस्तें जमा की। इसके बाद प्रीमियम जमा नहीं किया था।
शिव कुमार के अनुसार 27 अगस्त को उन्हें इश्योरेंस कर्मी सत्यपाल सिंह राठौर के नाम से फोन आया था। जिसने पॉलिसी पर ढाई लाख रुपये का क्लेम दिलाने का दावा किया था। बातों में उलझाने के बाद ठग ने शिव कुमार से करीब 24 हजार रुपये एक अकाउंट में जमा कराए थे। इसके बाद इश्योरेंस कर्मी का फोन उठना बंद हो गया। जिस पर शिव कुमार को ठगों के जाल में फंसने का अंदाजा हुआ। पीड़ित ने कृष्णानगर में मुकदमा दर्ज कराया है।
