स्मैक तस्कर ‘मुसम्मा’ ने उगले राज, कैसे बरेली से चलकर हल्द्वानी में बढ़ती है स्मैक की कीमत

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हल्द्वानी, अमृत विचार। नशे की जड़ तक पहुंचने में लगी पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। गिरफ्त में आए आरोपी के पास से पुलिस को न सिर्फ बीते दो साल में स्मैक की सबसे बड़ी खेप हाथ लगी है, बल्कि उत्तर प्रदेश से संचालित स्मैक तस्करी के बड़े गैंग के आका का पता …

हल्द्वानी, अमृत विचार। नशे की जड़ तक पहुंचने में लगी पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। गिरफ्त में आए आरोपी के पास से पुलिस को न सिर्फ बीते दो साल में स्मैक की सबसे बड़ी खेप हाथ लगी है, बल्कि उत्तर प्रदेश से संचालित स्मैक तस्करी के बड़े गैंग के आका का पता भी मिल गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 15 लाख की स्मैक बरामद की है। ये कामयाबी एसटीएफ, एसओजी और हल्द्वानी कोतवाली की संयुक्त टीम के हाथ लगी है।

मामले में मीडिया से मुखातिब हुए डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि गिरफ्त में आए तस्कर मुसम्मा आशकीन खान के तार बरेली उत्तर प्रदेश के बड़े गैंग से जुड़े हैं। गिरफ्त में आया आरोपी मुसम्मा राधा स्वामी सतसंग भवन के पास बिलासपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और वो हल्द्वानी के छोटे स्मैक तस्करों को माल सप्लाई कर वापस लौट रहा था।

बाइक सवार मुसम्मा को एसटीएफ, एसओजी और हल्द्वानी की पुलिस ने बेलबाल के पास चेकिंग के दौरान पकड़ा। इसके पास से 224.7 ग्राम स्मैक मिली है। मुसम्मा ने पुलिस को अपने इकबालिया बयान में कहा है कि वो ये स्मैक बरेली के बड़े गैंग से जुड़े सलमान, बबलू और परवेज से लेकर आता था। जिसे वो यहां तीन से चार हजार रुपए प्रति ग्राम की कीमत पर आराम से बेच देता था। मुस्ममा मूलरूप से बरेली के गैर करमखां नालापार आंवला का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि इससे पहले हल्द्वानी पुलिस ने वर्ष 2018 में स्मैक की सबसे बड़े खेप पकड़ी थी, जो मौजूदा पकड़ी गई स्मैक से करीब तीन ग्राम ज्यादा थी।

हर किमी के साथ बढ़ती जाती है स्मैक की कीमत
आरोपी मुसम्मा ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि इस धंधे में मोटा मुनाफा है। मसलन बरेली से निकली स्मैक को तस्कर जितनी दूर तक ले जा सकता है, उसकी कीमत उतनी ही बढ़ती जाती है। अगर बरेली में स्मैक दो हजार रुपए प्रति ग्राम में मिली है तो हल्द्वानी में इसकी कीमत तीन से चार हजार रुपए आराम से मिल जाती है और अगर यही स्मैक पहाड़ तक पहुंचा दी जाए तो इसी हिसाब से कीमत बढ़ती जाती है।

लॉकडाउन वीडियो मिक्सर को बनाया तस्कर
मुसम्मा कुछ समय पहले तक पेशेवर स्मैक तस्कर नहीं था। बल्कि लॉक हाउन ने उसका धंधा छीना और वो स्मैक तस्करी के धंधे में उतर गया। बताया गया कि कोरोना काल शुरू होने से पहले वो एक वीडियो मिक्सर का काम करता था और परिवार आराम से पाल रहा था, लेकिन कोरोना की वजह से दो बार लगे लॉक डाउन में उसका धंधा बुरी तरह चौपट गया। जिसके बाद वो स्मैक के धंधे में उतरा और मोटे मुनाफे के गंदे धंधे में फंस गया।

पुलिस टीम को डीजीपी ने दिया 10 हजार का इनाम
पुलिस के काम से खुश डीजीपी अशोक कुमार ने गुडवर्क करने वाली टीम को 10 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है। गुडवर्क करने वाली टीम में एसआई संजीत राठौड़, का.भूपाल सिंह एडीटीएफ, एसओजी से हे.का. दीपक आरोड़ा, का. त्रिलोक सिंह, का.कुंदन कठायत , का.विरेंद्र चौहान, का.चंदन नेगी, का.भानू प्रताप, का.अशोक रावत, का.अनिल गिरी, का.जितेंद्र थे।

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