बरेली कॉलेज के क्लर्क की बेटी ने की आत्महत्या

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बरेली, अमृत विचार। माता-पिता के आपसी मतभेद का खामियाजा उनकी बेटी को भुगतना पड़ा। काफी समय से चल रहे माता-पिता के विवाद में बेटी मानसिक तनाव में आ गई और आत्महत्या कर ली। देर रात युवती का शव फंदे पर लटका मिला। बारादरी के कटरा चांद खां के रहने वाले हरीश मौर्य बरेली कालेज में …

बरेली, अमृत विचार। माता-पिता के आपसी मतभेद का खामियाजा उनकी बेटी को भुगतना पड़ा। काफी समय से चल रहे माता-पिता के विवाद में बेटी मानसिक तनाव में आ गई और आत्महत्या कर ली। देर रात युवती का शव फंदे पर लटका मिला। बारादरी के कटरा चांद खां के रहने वाले हरीश मौर्य बरेली कालेज में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। वह अस्थायी कर्मचारी यूनियन के भी पदाधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी सुलक्ष्मी (22) बरेली कालेज में एमए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी।

बताया कि पिछले कुछ सालों से पत्नी के साथ उनका मतभेद चल रहा था। जिसके चलते वह अपने दो बेटों शिवम व सुंदरम और बेटी सुलक्ष्मी के साथ घर के एक हिस्से में रहते थे और उनकी पत्नी राजवती घर के दूसरे हिस्से में रहती थीं। इसी मनमुटाव की वजह से सुलक्ष्मी मानसिक तनाव में आ गई थी। पिछले करीब तीन साल से उसका इलाज चल रहा था। वह डिप्रेशन की दवा भी खा रही थी।

हरीश मौर्य ने बताया कि हर रोज की तरह गुरुवार को घर पर सब ठीक-ठाक था। घर पर सुलक्ष्मी के बुआ-फूफा आए हुए थे। जिनके लिए सुलक्ष्मी ने ही खाना बनाया और सभी ने साथ में खाना खाया। रात में करीब 12 बजे के बाद सभी सभी सोने चले गए। बताया कि घर की पहली मंजिल पर दोनों बेटे सो रहे थे और दूसरी मंजिल पर वह और सुलक्ष्मी।

फाइल फोटो- सुलक्ष्मी

सुबह जब 5 बजे जब वह उठे तो सुलक्ष्मी को आवाज लगाई लेकिन कोई जबाव नहीं मिला। जिसके बाद उठकर देखा तो हैरान रह गए। बेटी का शव फंदे पर लटका मिला था। देर रात किसी समय सुलक्ष्मी ने बरामदे में लगे फंखे में दुपट्टे के फंदे से फांसी लगा ली। उन्होंने तुरंत दोनों बेटों और पुलिस को सूचना दी। बारादरी इंस्पेक्टर नीरज मलिक ने बताया कि परिजनों की ओर से किसी पर भी कोई आरोप नहीं लगाया गया है।

बीएड की तैयारी कर रही थी
हरीश मौर्य ने बताया कि उनके तीनों बच्चे उनके साथ ही रहते थे। पढ़ाई में सुलक्ष्मी बीएससी पास कर चुकी थी और उसके बाद उर्दू विषय से एमए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी साथ ही बीएड की तैयारी भी कर रही थी। साथ ही दोनों बेटे भी बरेली कॉलेज में स्नातक के छात्र हैं। तीनों घर से साथ ही आते-जाते थे। वहीं पत्नी से वाद-विवाद के चलते घर में अक्सर कलह भी रहता था। जिसका मानसिक तौर पर सुलक्ष्मी पर ऐसा असर पड़ा कि उसने अपनी जान ही गवां दी।

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