रुद्रपुर: घर में चल रहा था मिठाई बनाने का कारोबार, सच्चाई जानेंगे तो छोड़ देंगे खाना
रुद्रपुर, अमृत विचार। एसओजी व रम्पुरा पुलिस ने नकली मावा की सूचना पर रेशमबाड़ी क्षेत्र में एक मकान पर छापा मारा। जहां टीम को मकान में बड़े स्तर पर मिठाई बनाने की फैक्ट्री मिली। साथ ही भारी मात्रा में मावा व बनी हुई मिठाई बरामद हुई है। जिस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए खाद्य …
रुद्रपुर, अमृत विचार। एसओजी व रम्पुरा पुलिस ने नकली मावा की सूचना पर रेशमबाड़ी क्षेत्र में एक मकान पर छापा मारा। जहां टीम को मकान में बड़े स्तर पर मिठाई बनाने की फैक्ट्री मिली। साथ ही भारी मात्रा में मावा व बनी हुई मिठाई बरामद हुई है। जिस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए खाद्य निरीक्षक को भी मौके पर बुला लिया। जिन्होने खाद्य पदार्थाे के सैम्पल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे। इस दौरान रेशमबाड़ी क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल रहा।

शनिवार को एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट को सूचना मिली कि रेशमबाड़ी क्षेत्र में एक मकान में नकली मावे से मिठाई बनाने की फैक्ट्री है। जिस पर कार्यवाही करते हुए एसओजी प्रभारी ने रम्पुरा पुलिस चौकी इंजार्च अनिल जोशी सहित उस मकान पर छापा मारा। जहां पुलिस को मिठाई बनाने की फैक्ट्री चलती हुई मिली। साथ ही टीम को भारी मात्रा में मिठाई, मावा, कटे हुए ड्राई फ्रूट, मिल्क पाउडर, केमिकल और मिठाई पैकिंग का सामान बरामद हुआ। इसके अलावा मिठाई बनाने के उपकरण, कढ़ाही, तेल इत्यादि भी मिला। एसपी सिटी ममता वोहरा ने बताया कि नकली मावा व मिठाई की सूचना पर पुलिस ने वहां छापा मारा था। जिसमें पुलिस को वहां भारी मात्रा में मावा व मिठाई बरामद हुई है। पुलिस अपनी ओर से जांच कर रही है। बाकी सैम्पल रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएंगी।
फैक्ट्री संचालक पिता-पुत्र को लिया पूछताछ के लिए हिरासत में
रुद्रपुर। रेशमबाड़ी में जिस मकान में मिठाई बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। वह फैक्ट्री संचालक का स्वयं का मकान बताया जा रहा है। जिस पर पुलिस ने फैक्ट्री संचालक पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है। जिसमें कुछ अन्य अहम बाते सामने आ सकती है।
मिठाई व मावे के सैम्पल लेकर भेजे जांच के लिए
रुद्रपुर। नकली मावे व मिठाई की सूचना पर पहंुची खाद्य निरीक्षक आशा आर्या ने मावे व मिठाई की जांच की तथा उनके सैम्पल लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिये है। खाद्य निरीक्षक आशा आर्या ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मावा नकली लग रही है। सैम्पल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी सही जानकारी मिल सकेगी।
फूड लाईसेंस की भी होगी जांच
रुद्रपुर। खाद्य निरीक्षक आशा आर्या ने बताया कि इस तरह मकान में चल रहे खाद्य पदार्थ बनाने की फैक्ट्री के फूड लाईसेंस की जांच की जाएंगी। जो नहीं मिलने पर उस पर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जाएंगी। वही उन्होने कहा कि और भी इस तरह से घर में खाद्य पदार्थ बनाने वाले लोगो के फूड लाईसेंस की जांच की जाएंगी।
घर में इस तरह खाद्य पदार्थ बनने की दे सूचना
रुद्रपुर। खाद्य निरीक्षक आशा आर्या ने बताया कि खाद्य विभाग ने इस तरह नकली मावा बनाने वालो पर नकेल कसने के लिए टोल फ्री नंबर जारी किये हुए है। जिस पर कोई भी व्यक्ति सूचना दे सकता है। साथ ही खाद्य विभाग की टीम भी समय-समय पर छापमारी अभियान चलाती रहती है।
एसओजी का दावा खतरनाक केमिकल और मावे में मिलावट
रुद्रपुर। एसओजी द्वारा पकड़ी गई नकली मावे से मिठाई बनाने की फैक्ट्री पर एसओजी वहां स्वास्थ्य के लिए खतरनाक केमिकल प्रयोग करने और मिठाई बनाने में नकली मावे का इस्तेमाल का दावा कर रही है। वही खाद्य विभाग की टीम प्रारंम्भिक जांच में इसकी अभी पुष्टि नहीं कर रही है। उनको कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह सकते है। फिलहाल दोनो पुलिस और खाद्य विभाग अपनी ओर से जांच करने में लगे हुए है।
फैक्ट्री में व्यावसायिक सिलेंडर की जगह घरेलू सिलेंडर का प्रयोग
रुद्रपुर। मिठाई बनाने की फैक्ट्री में पुलिस को मिठाई बनाने के लिए घरेलू सिलेंडर का उपयोग होता हुआ मिला। पुलिस को एक कमरे से आधा दर्जन घरेलू सिलेंडर बरामद हुए। जबकि फैक्ट्री में व्यावसायिक सिलेंडर का उपयोग होना चाहिए था। जिस पर पुलिस ने सप्लाई निरीक्षक को भी फोन किया।
पांच साल से चल रही थी फैक्ट्री
रुद्रपुर। खाद्य विभाग और पुलिस की नाक के नीचे पिछले पांच साल से रेशमबाड़ी में मिठाई बनाने की यह फैक्ट्री चल रही थी। जिसकी न तो पुलिस को भनक लगी और न ही खाद्य विभाग को। इस दौरान अगर वाकई नकली मावे से मिठाइंया बनाई गई होगी तो कितने लोगो ने इस जहर को खाया होगा और उनके स्वास्थ्य पर क्या असर हुआ होगा। इसका अंदाजा लगाया जाना मुश्किल है। फिलहाल दोनो विभाग जांच में लगे हुए है।
यूपी और उत्तराखण्ड के कई इलाको में होती थी सप्लाई
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री संचालकर मिठाई तैयार कर डिब्बों में भरकर उत्तराखण्ड के हल्द्वानी व ऊधमसिंह नगर जिले के कई इलाको में सप्लाई करते थे। वही सीमा से सटे यूपी के भी कई इलाको में मिठाई बेची जाती थी। यह लोग कम दाम में मिठाई बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। वही त्यौहार पर मिठाई की आपूर्ति करने के लिए फैक्ट्री में दिनरात होता था। डिब्बो में फैक्ट्री संचालक ने अपना नाम छपवा रखा था। जिसे उन्होने अपने ब्रांड का नाम दिया हुआ था।
