हल्द्वानी: निर्वाचन टीम और व्यापारियों में नोकझोंक, बहिष्कार के साथ तीन ने नाम लिए वापस

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हल्द्वानी, अमृत विचार। निवर्तमान नगर अध्यक्ष और महामंत्री के हस्ताक्षर वाले वर्ष 2021-22 के प्रमाण पत्रों का मामला शनिवार को तूल पकड़ गया। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की हल्द्वानी महानगर इकाई के चुनाव नाम वापसी के दिन व्यापारियों का एक पक्ष और निर्वाचन अधिकारी की टीम आमने सामने आ गई। इस पक्ष ने मुख्य …

हल्द्वानी, अमृत विचार। निवर्तमान नगर अध्यक्ष और महामंत्री के हस्ताक्षर वाले वर्ष 2021-22 के प्रमाण पत्रों का मामला शनिवार को तूल पकड़ गया। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की हल्द्वानी महानगर इकाई के चुनाव नाम वापसी के दिन व्यापारियों का एक पक्ष और निर्वाचन अधिकारी की टीम आमने सामने आ गई। इस पक्ष ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए खूब हंगामा काटा। इतना ही नहीं कार्य बहिष्कार का आरोप लगाते हुए अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष पद के तीन उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए। उनके गुस्से को शांत करने का प्रयास भी किया गया लेकिन विरोध पर उतरे व्यापारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और मतदान न करने का भी ऐलान कर दिया।

अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र जमा करने के दौरान योगेश शर्मा। (फाइल फोटो)

दरअसल संगठन से जुड़े व्यापारी सदस्यों को अध्यक्ष योगेश शर्मा और महामंत्री मनोज जायसवाल के हस्ताक्षर वाले प्रमाणपत्र वितरित किए गए थे। प्रमाण पत्र में वर्ष 2021-22 होने से व्यापारियों के एक गुट ने इसका विरोध किया था। संगठन से करीब 1800 सदस्य पंजीकृत बताए जाते हैं, जिनमें अधिकांश को यह प्रमाण पत्र दे भी दिए गए थे। इस साल चुनाव होने थे, लिहाजा इन प्रमाणपत्रों को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे। चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन इन प्रमाणपत्रों को लेकर जब कोई कार्रवाई नहीं दिखी तो व्यापारी नेता 19 सितंबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिले। उन्होंने प्रमाणपत्रों को वापस लाने या फिर चुनाव न कराने की बात रखी।

उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन नामांकन वापसी के दिन तक जब ऐसा कुछ होता नहीं दिखा तो व्यापारियों का पारा चढ़ गया। गुस्साए व्यापारी रूपेंद्र नागर के नेतृत्व में सरस मार्केट स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रमाणपत्र हाथ में लेकर निर्वाचन टीम और निवर्तमान पदाधिकारियों की मिलीभगत होने के स्वर तेज किए। उन्होंने चुनाव बहिष्कार के नारे लगाए और फिर अध्यक्ष पद से सूरज लांबा, महामंत्री पद से राजू गुप्ता और कोषाध्यक्ष पद से उम्मीदवार त्रिलोक सिंह ने चुनाव बहिष्कार करते हुए नाम वापस ले लिए। गुस्साए व्यापारियों को मनाने का भी प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कार्रवाई का वक्त खत्म होने की बात कहते हुए विरोध जारी रखा। इस दौरान लाल जायसवाल, मुरली, डीके गुप्ता, पदमपाल, पूरन सागर, पवन नागर, शिव कपूर आदि थे।

चुनाव अधिकारियों के सामने हंगामा करते व्यापारी।

योगेश शर्मा फिर बनेंगे अध्यक्ष, महामंत्री के लिए प्रदीप व मनोज का होगा आमना सामना
योगेश शर्मा एक बार फिर से अध्यक्ष पद पर काबिज रहेंगे। शनिवार को उनके समक्ष किसी की दावेदारी न होने से उन्हें निर्विरोध इस पद के लिए चुन लिया जाएगा वहीं महामंत्री पद के लिए घमासान देखने को मिलेगा। निवर्तमान महामंत्री मनोज जायसवाल का सामना प्रदीप सब्बरवाल से होगा। चुनाव को लेकर जहां व्यापारियों में उत्साह बना हुआ है तो वहीं पदाधिकारियों के चुनाव को लेकर बैचेनी भी बढ़नी शुरू हो गई है।

प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष रूप में योगेश शर्मा पहले भी काबिज रहे हैं। नई कार्यकारिणी के चुनाव के चलते उन्होंने इस्तीफा देकर दोबारा ताल ठोंकी थी। हालांकि उनके सामने दो और उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र भरा था। इसमें खीमानंद शर्मा और सूरज लांबा थे।

शनिवार को नाम वापसी के दिन खीमानंद शर्मा और सूरज लांबा ने नाम खींच लिए। हालांकि इसमें माना जा रहा था कि योगेश शर्मा के सामने सूरज लांबा अपनी मजबूत दाबेदारी पेश करेंगे, लेकिन निर्वाचन टीम पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्होंने बहिष्कार के साथ अपना नाम भी वापस ले लिया। महामंत्री पद के लिए भी तीन उम्मीदवार मैदान में आए थे। इसमें निवर्तमान महामंत्री मनोज जायसवाल के साथ प्रदीप सब्बरवाल और राजू गुप्ता ने इस पद के लिए नामांकन पत्र भरा था। राजू गुप्ता के नाम वापस लेने के बाद अब प्रदीप और मनोज के बीच टक्कर रहेगी।


छह दिन सात उम्मीदवार झोकेंगे ताकत
रविवार से एक अक्तूबर तक के छह दिन व्यापार क्षेत्र के लिए बेहद गर्मजोशी भरे होंगे। सात उम्मीदवार अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए मैदान में नजर आएंगे। सड़क पर उतरकर व्यापारियों से अपने लिए वोट मांगेंगे।
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की महानगर इकाई कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर गुरुवार से नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस दिन छह ने पर्चा भरा था। उसके दूसरे दिन शुक्रवार को 13 ने ताल ठोकते हुए नामांकन पत्र दाखिल किया था। शनिवार को किसी उम्मीदवार के नामांकन पत्र में कोई गड़बड़ी तो नहीं मिली, लेकिन सात उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए। अब 12 ने अपना फैसला कायम रखा। इसमें पांच उम्मीदवारों को दो अक्तूबर तक निर्णय का इंतजार करने की जरूरत नहीं करनी पड़ी। उनके सामने ताल ठोंकने वाले उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद उनका पदों पर कब्जा साफ हो गया। लेकिन अभी भी महामंत्री, संगठन मंत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष तीन पदों के लिए सात पदाधिकारी चुनावी जंग करते नजर आएंगे। रविवार से एक अक्तूबर तक इन पदाधिकारियों को प्रचार प्रसार करने का समय रहेगा। ऐसे में दुकानों और व्यापारियों के घरों से लेकर सोशल मीडिया पर ये उम्मीदवार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।

प्रमाण पत्रों के साथ नाराजगी जताते व्यापारी।

ये होंगे निर्विरोध
पद नाम
अध्यक्ष योगेश शर्मा
कोषाध्यक्ष गौरव गुप्ता
प्रचार मंत्री संदीप सक्सेना
महिला उपाध्यक्ष दीपा जायसवाल
महिला सचिव गीता कांडपाल

इनमें होगी टक्कर
महामंत्री के लिए प्रदीप सब्बरवाल और मनोज जायसवाल
संगठन मंत्री के लिए उपेंद्र कनवाल और गुरमीत सिंह चौहान
वरिष्ठ उपाध्यक्ष के लिए मनोज चौहान, सचिन गुप्ता और संदीप गुप्ता

निर्वाचन अधिकारी पर उम्मीदवार के साथ फोटों खिंचवाने का आरोप
गुस्साए व्यापारी नेताओं ने सहायक निर्वाचन अधिकारी इंद्र कुमार भुटयानी पर उम्मीदवार के साथ फोटो खिंचवाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन टीम से जुड़े अधिकारियों चुनाव नियम का उल्लंघन किया जा रहा है। इसके बावजूद उसका विरोध नहीं जताया गया था। इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को कार्रवाई करनी चाहिए थी।

 

इनकी भी सुनिये
प्रमाणपत्रों में वर्ष 2021-22 को लेकर जो शिकायत है उसमें प्रिंटिंग प्रेस की त्रुटि पाई गई थी। प्रमाण पत्र वापस लिए जा रहे थे। 68 वापस लिए जा चुके थे। नामांकन वापसी की प्रक्रिया को दो दिन और बढ़ाते हुए बाकी के भी प्रमाणपत्र वापस लेने की बात कही गई, लेकिन भीड़ और शोर में मेरी नहीं सुनी गई। पक्षपात का अरोप निराधार है। निष्पक्ष चुनाव हो रहा है और मतगणना दो अक्तूबर को होगी। – हरीश चंद्र पांडे, मुख्य निर्वाचन अधिकारी

भंग हो चुकी कार्यकारिणी के निवर्तमान अध्यक्ष और महामंत्री के हस्ताक्षर वाले वर्ष 2021-22 के प्रमाण पत्रों को बांटा गया है। जब ऐसा ही करना था तो चुनाव क्यों करा रहे हैं। इस तरह का षड़यंत्र व्यापारी सदस्यों के साथ धोखा है। पक्षपात और मनमानी साफ दिख रही है। इसलिए चुनाव का बहिष्कार किया है। मतदान भी नहीं करेंगे और अपना रोष जारी रखेंगे। प्रमाण पत्र वापस लेने का आश्वासन दिया था, जो कि पूरा नहीं किया गया है। विरोध आगे भी जारी रहेगा।
रूपेंद्र नागर, व्यापारी नेता

किसी भी उम्मीदावार का समर्थन नहीं किया है। आरोप निराधार हैं। किसी के द्वारा फोटो को फेसबुक पर अपलोड कर दिया गया है। सभी व्यापारी साथी हैं। पक्षपात या फिर किसी उम्मीदवार का समर्थन करने के उद्देश्य से कोई फोटो नहीं खिंचवाया गया था। – इंद्र कुमार भुटयानी, सहायक निर्वाचन अधिकारी

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