गजरौला: वन विभाग ने पांच घंटे के रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ पकड़ा
गजरौला, अमृत विचार। नहर के पास अचानक मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में हड़कंच मच गया। प्रधान ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू करना शुरू किया। पांच घंटे के रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को पकड़ लिया गया। मगरमच्छ देखते ही गांव वालों की भीड़ लग गई। …
गजरौला, अमृत विचार। नहर के पास अचानक मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में हड़कंच मच गया। प्रधान ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू करना शुरू किया। पांच घंटे के रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को पकड़ लिया गया। मगरमच्छ देखते ही गांव वालों की भीड़ लग गई। मगरमच्छ को वन विभाग की टीम ने पिंजरे में बंद कर लिया और अपने साथ ले गई।
रविवार दोपहर 12 बजे जमुनिया गांव में नहर के पास नाले में गांव के रूप लाल पुत्र भोपाली राम को मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ होने की भनक लगते ही वह अचानक वहां से भाग खड़े हुए। शोर मचाने पर तमाम गांव वाले वहां इकटठा हो गए । प्रधान भी वहां पहुंच गए। ग्राम प्रधान हरीश कुमार ने मगरमच्छ होने की सूचना वन विभाग को दी। सामाजिक वानिकी के वन दरोगा नवीन वोरा अपनी टीम से साथ मौके पर पहुंचे।
नाले में पानी अधिक होने से वन विभाग की टीम ने पहले तो रेस्क्यू करने से मना कर दिया। ग्राम प्रधान ने इंजन पंप सेट लगवा कर पानी को नाले से बाहर निकलवाया ।करीब 5 घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को पकड़ लिया। कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पिंजरा में बंद किया जा सका।
पानी से बाहर निकालते ही मगरमच्छ देखने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। वहां अफरा- तफरी का माहौल बन गया। वन विभाग की गाड़ी के पीछे सैकड़ों ग्रामीण दौड़ पड़े। जान जोखिम में डालकर ग्रामीण गाड़ी के पीछे पीछे भागते रहे लेकिन वन विभाग की टीम ने गाड़ी को नहीं रोका। वह मगरमच्छ अपने साथ लेकर चली गई।
गांव में मगरमच्छ होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सामाजिक वानिकी की टीम को भेजा गया। हम लोग मौके पर नहीं पहुंच पाए। मगरमच्छ को रेस्क्यू कर माला नदी में छोड़ा गया है। -रामजी, वन क्षेत्राधिकारी, माला रेंज
