कांग्रेस में टिकट की मारामारी, शुरू हुई बगावत की बारी

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देहरादून, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस में टिकट के लिए मारामारी शुरू हो गई। पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए जहां एक-एक सीट पर दर्जन भर से ज्यादा टिकट के दावेदार उभर रहे हैं तो पार्टी से टिकट मिलते न देख बगावत होनी भी शुरू हो गई है। दावेदारों की …

देहरादून, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस में टिकट के लिए मारामारी शुरू हो गई। पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए जहां एक-एक सीट पर दर्जन भर से ज्यादा टिकट के दावेदार उभर रहे हैं तो पार्टी से टिकट मिलते न देख बगावत होनी भी शुरू हो गई है। दावेदारों की फौज देखकर भले ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष फूले नहीं समा रहे हैं, लेकिन बगावत और भितरघात को लेकर चिंता भी बढ़ गई है।

उम्र का संतुलन बनाना चुनौती
भाजपा में युवा मुख्यमंत्री की ताजपोशी के बाद कांग्रेस में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को प्रत्याशी बनाने की मांग उठ रही है। इससे इतर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अपने अनुभव और पार्टी के प्रति समर्पण को आधार बनाकर टिकट मिलने की उम्मीद पाले हुए हैं। उत्तराखंड कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी का कहना है कि हर व्यक्ति की महत्वाकांक्षा होती है। वह 1985 से उत्तर प्रदेश एनएसयूआई में महामंत्री और उपाध्यक्ष रहे। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से ही वह निरंतर कांग्रेस पार्टी की सेवा में हैं। आज वह संगठन के महामंत्री का दायित्व भी निभा रहे हैं अगर पार्टी टिकट दे देती है तो वह पार्टी के शुक्रगुजार होंगे।

सबके अपने-अपने तर्क
1-रायपुर विस सीट से दावेदार डॉ. आरपी रतूड़ी भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ पर तंज कसते हैं कि कांग्रेस नेताओं को टिकट देकर विधायक बनाया और वह सत्ता का सुख भोगने के लिए भाजपा में चले गए। अगर मुझे टिकट दिया होता तो हर हाल में कांग्रेस के साथ ही होता।
2- धनोल्टी सीट से दावेदार जोत सिंह बिष्ट का कहना है कि वह कोविड के शुरू होने से जनसेवा में लगे हैं, इसलिए पार्टी उन पर विचार करेगी। कैंट से दावेदार लाल चंद्र शर्मा के अनुसार वह राज्य आंदोलनकारी रहे हैं, टिकट मिलेगा तो जरूर जीतेंगे। राजपुर सीट से – महिला दावेदार कमलेश रमन का कहना है कि वह 1996 से लगातार पार्टी को मजबूत बनाने का काम कर रही हैं। तीन बार महानगर अध्यक्ष भी रहीं। महिला होने के नाते उन्हें इस बार मौका मिलना चाहिए।
3- प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि 2017 में मोदी लहर की वजह से अच्छे-अच्छे सूरमा चुनाव हार गए। मैं भी विस नहीं पहुंच पाया। 5 साल में मैंने विपक्ष की शानदार भूमिका निभाई है लिहाजा आलाकमान मुझे टिकट देगा।
4- रायपुर सीट से दावेदार राजेंद्र शर्मा का कहना है कि उन्होंने राज्य आंदोलन से लेकर अभी तक पूरी ईमानदारी से पार्टी की सेवा की है लिहाजा कांग्रेस पार्टी उन्हें इस बार चुनावी समर में उतरने का मौका देगी।

जनता से जुड़े दावों को तरजीह
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि पिछले 5 साल में जन-जन तक पहुंच रखने वाले टिकट के दावेदारों को आलाकमान तरजीह देगी। शेष नेताओं, कार्यकर्ताओं को वह अपने स्तर से समझा-बुझाकर भाजपा को पटखनी देने के लिए तैयार कर लेंगे।

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