मुरादाबाद: बीमा करने से पहले ही हत्या की साजिश रच लेता था राजीव
मुरादाबाद, अमृत विचार। सुपरवाइजर जालेंद्र की हत्या का मास्टर माइंड राजीव कुमार बेहद शातिर है। वह जिसकी पॉलिसी करता था, उसे रकम की जानकारी नहीं होने देता था। किसी को भी बीमे के कागज नहीं देता था। किस्त भी खुद ही जमा करता था। पॉलिसी करते समय ही बीमित की हत्या की योजना तैयार कर …
मुरादाबाद, अमृत विचार। सुपरवाइजर जालेंद्र की हत्या का मास्टर माइंड राजीव कुमार बेहद शातिर है। वह जिसकी पॉलिसी करता था, उसे रकम की जानकारी नहीं होने देता था। किसी को भी बीमे के कागज नहीं देता था। किस्त भी खुद ही जमा करता था। पॉलिसी करते समय ही बीमित की हत्या की योजना तैयार कर लेता था। वह रईसों वाली जिंदगी जीता है। जूते व कपड़े भी ब्रांडेड पहनता है। लग्जरी कारों में घूमना और हाई सोसाइटी के दोस्त बनाना भी उसके शौक में शुमार है।
असमोली निवासी राजीव कुमार ठाठ-बाट की जिंदगी जीने का शौकीन है। अपना मकान बेच कर वह महानगर के बुद्धि विहार में किराए की कोठी में रहता है। बच्चा डीपीएस में पढ़ता है। उसके रहन-सहन और चमक-दमक को देख लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि वह तीन लोगों को नौकरी लगवाने के बहाने हैदराबाद ले गया था। वह खुद हवाई जहाज से गया था, जबकि तीनों पीड़ित ट्रेन से गए थे। अधिकारियों से मिलने की बात कहकर वह वहां से लखनऊ भी फ्लाईट से ही गया था।
इसके एवज में उसने तीनों से 10 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। लेकिन, उनकी नौकरी आज तक नहीं लग सकी। पुलिस के अनुसार वह जिसका बीमा करता था, उसकी मौत का षडयंत्र उस दिन से ही बनाने लगता था। पैसे के सामने उसके लिए रिश्ते बेमानी थे। बीमे की रकम हड़पने के लिए उसने साले को भी मौत के घाट उतार दिया था। सुपरवाइजर जालेंद्र की हत्या की योजना भी उसने उसी दिन बना ली थी, जब उसका पहला बीमा किया था।
वह किसी भी बीमित को बीमे के कागज नहीं देता था। छोटी सी पॉलिसी कराने और खुद ही किस्त भरने की बात कहते हुए हस्ताक्षर करा लेता था। बीमे के कागजों में पता और मोबाइल नंबर भी अपना ही दर्ज करता था। उसके दोस्तों की लिस्ट में हाईप्रोफाइल लोग ही थे। महंगी शराब पीने का शौकीन राजीव किसी को अपने इरादों की भनक तक नहीं लगने देता था। जालेंद्र की हत्या करने के लिए भी उसने भाड़े के हत्यारों को मात्र तीन लाख रुपये में ही तय किया था। यह हत्या यदि हादसा साबित हो जाती तो उसे 1.66 करोड़ रुपये का फायदा होने वाला था।
