नैनीताल ब्रेकिंग: ईपीएफओ ने पालिका का लेखा अनुभाग किया सील, मिली ये गड़बड़ी
नैनीताल, अमृत विचार। नगर पालिका में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की जानकारी क्षेत्रीय भविष्य निधि विभाग को नहीं देने पर ईपीएफओ ने लेखा विभाग को सील कर दिया है। पालिका के अधिशासी अधिकारी को जन्द ही कर्मचारियों के ईपीएफओ से संबंधित दस्तावेज देने के आदेश भी दिए हैं। हल्द्वानी कार्यालय से बुधवार को भविष्य निधि कार्यालय …
नैनीताल, अमृत विचार। नगर पालिका में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की जानकारी क्षेत्रीय भविष्य निधि विभाग को नहीं देने पर ईपीएफओ ने लेखा विभाग को सील कर दिया है। पालिका के अधिशासी अधिकारी को जन्द ही कर्मचारियों के ईपीएफओ से संबंधित दस्तावेज देने के आदेश भी दिए हैं।
हल्द्वानी कार्यालय से बुधवार को भविष्य निधि कार्यालय की एक टीम ने पालिका में छापे मारे। टीम ने नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी से कर्मचारियों के भविष्य निधि की जानकारी मांगी। लेकिन पालिका के अधिशासी अधिकारी पेश नहीं कर पाए। इसके बाद भविष्य निधि विभाग से आई टीम ने पालिका के लेखा विभाग को तत्काल सील कर दिया।

प्रवर्तन अधिकारी रितेश बब्बर ने बताया कि 2011 के तहत नगर निकाय कर्मचारी ईपीएफ के दायरे में आए थे। सी के तहत सभी नगर निकायों को अपने कर्मचारियों की जानकारी ईपीएफ कार्यालय में देनी थी। 11 सालों में कई बार कहने पर भी नगर पालिका अपने कर्मचारियों की जानकारी ईपीएफ कार्यालय को नहीं दे पाई। 2018 में भविष्य निधि कार्यालय हल्द्वानी ने नगर पालिका को नोटिस जारी कर अपने कर्मचारियों की जानकारी पेश करने को कहा था। बावजूद नगर पालिका द्वारा कर्मचारियों की जानकारी नहीं दी गई। बुधवार को क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त आदित्य शाह के निर्देश पर कार्यालय में छापे मारे गए। पालिका से कर्मचारियों की जानकारी मांगी। लेकिन पालिका द्वारा कर्मचारियों की जानकारी पेश नहीं की गई। इसके बाद टीम ने ईपीएफ एक्ट के सेक्शन 13 के तहत लेखा विभाग को सील कर दिया गया है।
छापेमारी करने पहुंचे प्रवर्तन अधिकारी अमित बब्बर ने बताया कि पालिका के कर्मचारी ईपीएफ के दायरे में आते हैं। कर्मचारियों को इसका फायदा पीएफ, भविष्य निधि, पेंशन व 7 लाख तक इंश्योरेंस का लाभ दिया जा सके। साथ ही कर्मचारियों को भविष्य निधि में पंजीकृत करने से सस्ती दरों पर ब्याज देने, वृद्धावस्था पेंशन देने का प्रावधान है। इसी के तहत कर्मचारियों को पंजीकृत किया जाता है। लेकिन कई विभागों के द्वारा अपने कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित रखा जाता है। अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है। इसे जल्द भविष्य निधि आयुक्त के पास भेजा जाएगा।
