हल्द्वानी: राज्य के 20 पॉलिटेक्नीक कॉलेज बंद होने की कगार पर
गौरव पांडेय, अमृत विचार, हल्द्वानी। राज्य में तकनीकी शिक्षा बदहाली के दौर से गुजर रही है। राज्य के 20 पॉलीटेक्नीक कॉलेज बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। शिक्षकों और संसाधनों की कमी के चलते यह नौबत आई है। वर्तमान में राज्य में 71 राजकीय पॉलीटेक्नीक कॉलेज हैं। शिक्षकों और संसाधनों की कमी के चलते …
गौरव पांडेय, अमृत विचार, हल्द्वानी। राज्य में तकनीकी शिक्षा बदहाली के दौर से गुजर रही है। राज्य के 20 पॉलीटेक्नीक कॉलेज बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। शिक्षकों और संसाधनों की कमी के चलते यह नौबत आई है।
वर्तमान में राज्य में 71 राजकीय पॉलीटेक्नीक कॉलेज हैं। शिक्षकों और संसाधनों की कमी के चलते कॉलेज संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। पॉलीटेक्नीक कॉलेजों के पास खुद की भूमि-भवन और अन्य संसाधन नहीं हैं। यही कारण है कि सरकार ने इनमें से 20 पॉलीटेक्नीक कॉलेज बंद करने का निर्णय लिया है।
पॉलीटेक्नीक खोलने पर उठे सवाल
बंद होने की कगार पर पहुंचे पॉलीटेक्नीक कॉलेज खोलने की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि राजनीतिक लाभ के लिए शिक्षक, भवन व संसाधनों के बिना कॉलेज खोल दिए गए। कॉलेज खोलने के बाद सुध तक नहीं ली। जब कॉलेज बंद ही करने थे तो खोलने का क्या औचित्य था।
फूल-फल रहे निजी पॉलीटेक्नीक कॉलेज
बंद हो रहे सरकारी कॉलेज के इतर निजी पॉलीटेक्नीक संस्थान खूब फूल-फल रहे हैं। राज्य में निजी पॉलीटेक्नीक कॉलेजों की तादाद 30 पहुंच गई है। गौरतलब है कि राज्य की बड़ी आबादी के लिए सरकारी शिक्षा संस्थान ही शिक्षा पाने का जरिया हैं। इनका कमजोर पड़ना या बंद होना आम लोगों को सुलभ शिक्षा से वंचित करेगा।
28 आईटीआई हो चुके बंद
इस समय राज्य में कुल 176 सरकारी आईटीआई हैं। इनमें से 148 सक्रिय स्थिति में हैं। 56 केंद्र किराए के भवन में चल रहे हैं। 43 पीपीपी मोड में संचालित हो रहे हैं। जबकि 28 पूरी तरह से निष्क्रिय हैं। इनमें से 19 के दूसरे आईटीआई में विलय की योजना प्रस्तावित है।
