हल्द्वानी: चार माह में 20 बार टूटी चंबलपुल से गुजरने वाली पेयजल लाइन
हल्द्वानी, अमृत विचार। मानसून शुरू होने के साथ ही चार महीने औसतन चंबलपुल से गुजरने वाली पेयजल लाइन हर हफ्ते टूट जाती है। इससे रकसिया के आपसपास के क्षेत्रों में पानी का संकट गहरा जाता है। बार-बार टूटी पेयजल लाइन की मरम्मत का काम करने में हजारों रुपए खर्च होते हैं। इसके बावजूद जल संस्थान …
हल्द्वानी, अमृत विचार। मानसून शुरू होने के साथ ही चार महीने औसतन चंबलपुल से गुजरने वाली पेयजल लाइन हर हफ्ते टूट जाती है। इससे रकसिया के आपसपास के क्षेत्रों में पानी का संकट गहरा जाता है। बार-बार टूटी पेयजल लाइन की मरम्मत का काम करने में हजारों रुपए खर्च होते हैं। इसके बावजूद जल संस्थान इस ओर ध्यान नहीं देता और वैकल्पिक तौर पर पाइप लाइन की मरम्मत कर लोगों तक पानी की सप्लाई कर देता है।
बता दें कि हर साल की तरह इस साल भी मानसून शुरू होते ही रकसिया नाला स्थित चंबलपुल से गुजरने वाली जल संस्थान की पेयजल लाइन चार माह में 20 बार टूट गई। लेकिन इस बार भी विभाग की आंखें नहीं खुली।
वैकल्पिक तौर पर पाइप लाइन की मरम्मत का काम कर विभाग पानी की सप्लाई तो कर देता है लेकिन समस्या का कोई स्थाई निदान नहीं हो पा रहा है। जेई पंकज उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने इसके लिए डीएम से बात की है। शासन स्तर से प्रस्ताव पारित होने के बाद ही पेयजल लाइन की समस्या पर काम किया जा सकेगा।
