अयोध्या: कड़ाई देख छूटे पसीने, 10वीं के 35 फीसदी विद्यार्थी नहीं हुए अंक सुधार परीक्षा में शामिल
अयोध्या। उत्तर प्रदेश बोर्ड की अंक सुधार परीक्षा में जिले के10वीं के लगभग 35 फीसद विद्यार्थियों ने एग्जाम नहीं दिया। इसके साथ ही 12वीं के भी 15 फीसद विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। माना जा रहा है कि शासन की सख्ती के बाद विद्यार्थियों ने परीक्षा देने से तौबा कर ली। फिलहाल बुधवार को अंक सुधार परीक्षा …
अयोध्या। उत्तर प्रदेश बोर्ड की अंक सुधार परीक्षा में जिले के10वीं के लगभग 35 फीसद विद्यार्थियों ने एग्जाम नहीं दिया। इसके साथ ही 12वीं के भी 15 फीसद विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। माना जा रहा है कि शासन की सख्ती के बाद विद्यार्थियों ने परीक्षा देने से तौबा कर ली। फिलहाल बुधवार को अंक सुधार परीक्षा संपन्न हो गई है। जिले में आठ केंद्रों पर 10वीं और 12वीं के कुल 990 विद्यार्थी पंजीकृत थे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश बोर्ड ने इस बार हाई स्कूल और इंटर के विद्यार्थियों को उनके पिछले प्रदर्शन के आधार पर अंक प्रदान करते हुए रिजल्ट तैयार किए थे। साथ ही रिजल्ट से असंतुष्ट विद्यार्थियों के लिए अंक सुधार परीक्षा कराने की व्यवस्था की थी। इसके लिए अयोध्या जिले में आठ केंद्रों में 10वीं के 368 और 12वीं के 622 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। जिसमें 10वीं की 122 छात्राएं व 246 छात्र शामिल थे। वहीं 12वीं में 238 छात्राएं व 384 छात्रों ने पंजीकरण कराया था।
कुल विद्यार्थियों की संख्या 990 थी। 18 सितंबर से शुरू हुई परीक्षा 6 अक्टूबर को संपन्न हो गई। इस दौरान यह देखा गया कि हाईस्कूल में 65.71 प्रतिशत विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और 34.28 परीक्षार्थी गैर हाजिर रहे। वहीं इंटरमीडिएट के 85 फीसद बच्चों ने परीक्षाएं दीं और 15 फीसद विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। इस संबंध में जब हाई स्कूल और इंटर की परीक्षा में गैर हाजिर रहने वाले जब कुछ छात्रों से बात की गई तो उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बोर्ड के निर्देश जारी होने के बाद बहुत से छात्रों ने परीक्षा में शामिल होने के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन बोर्ड की ओर से की गई कड़ाई को देखकर कइयों ने अपने कदम वापस खींच लिए। उन्हें डर लगने लग रहा कि कहीं पहले मिले नंबर से भी कम नंबर आ गए तो बेड़ा ही गर्क हो जाएगा।
सख्ती रही जबरदस्त, जीआईसी से होती थी मॉनिटरिंग
बता दें कि अंक सुधार परीक्षा में सख्ती जबरदस्त रही। कोई भी परीक्षार्थी नकल करते हुए नहीं पकड़े गए। जिले के आठों परीक्षा केंद्रों पर सघन तलाशी लेने के बाद ही विद्यार्थियों को कक्ष में जाने दिया जाता था। सभी परीक्षा केंद्रों की मॉनिटरिंग राजकीय इंटर कॉलेज फैजाबाद से होती थी। जिले के सभी केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरे की लाइव विजुअल यहां चलती थी, जिसपर नजर रखी जाती थी। इस दौरान 8 केंद्र पर्यवेक्षक, 8 अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक, 8 पर्यवेक्षक और 72 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी।
हजारों छात्रों की पढ़ाई हुई बाधित
गौरतलब है कि कोरोना काल के दो साल बाद स्कूलों को खोला गया था। इस बीच अंक सुधार परीक्षा के लिए जिले में आठ केंद्र बनाए गए। अंक सुधार परीक्षा के दौरान एक बार फिर से स्कूलों के परीक्षा केंद्र बन जाने की वजह से हजारों छात्रों की पढ़ाई पर ब्रेक लग गया। शासन के इस निर्देश के बाद कई छात्रों ने इसके लिए नाराजगी भी जताई थी।
