हल्द्वानी: लाइसेंस बनवाने आए 63 लोग नहीं चला पाए कार, ये रही वजह…
हल्द्वानी, अमृत विचार। आरटीओ कार्यालय में लाइसेंस पाने के लिए ऐसे लोग भी आवेदन कर रहे हैं, जिन्हें वाहन चलाना ही नहीं आता है। इनमें ज्यादातर वे हैं, जो कार चलाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। जब उनकी परीक्षा ली जाती है तो वह पूरी तरह से अप्रिशिक्षित साबित होते हैं। ऐसे ही 63 …
हल्द्वानी, अमृत विचार। आरटीओ कार्यालय में लाइसेंस पाने के लिए ऐसे लोग भी आवेदन कर रहे हैं, जिन्हें वाहन चलाना ही नहीं आता है। इनमें ज्यादातर वे हैं, जो कार चलाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। जब उनकी परीक्षा ली जाती है तो वह पूरी तरह से अप्रिशिक्षित साबित होते हैं। ऐसे ही 63 लोगों के आवेदन को आरटीओ ने निरस्त कर दिया है। लाइसेंस पाने के लिए ट्रैक पर वाहन चालकर परीक्षा देने की चुनौती से बचने के लिए अब तमाम लोगों ने पड़ोसी शहरों के परिवहन कार्यालय में आवेदन करना शुरू कर दिया है।
बाइकों से ज्यादा अब कार का ट्रेंड चल रहा है। लगातार कार चलाने के लिए एलएमवी-एनटी (लाइट मोटर व्हीकल-नॉन ट्रांसपोर्ट) लाइसेंस के लिए आवेदन भी बढ़ने लगे हैं। आरटीओ राजीव मेहरा के निर्देशन में टेस्टिंग ट्रैक बनने के बाद से आवेदकों के लिए लाइसेंस पाना मुश्किल हो गया है। ड्राइविंग लाइसेंस नियमित करवाने के लिए पहला टेस्ट स्टिमुलेटर और दूसरा ट्रैक पर कार चलाकर देना होता है।
दस दिन में 314 ने लाइसेंस को नियमित करवाने के लिए आवेदन किया, लेकिन इसमें 63 लोग कार नहीं चला पाए। उन्होंने बताया कि ट्रैक बनने से वाहन चलाने में दक्ष व्यक्ति को ही लाइसेंस मिल रहा है। आरटीओ हल्द्वानी की इस चुनौती से परेशान कई आवेदक अब रुद्रपुर और रामनगर के आरटीओ कार्यालय पर लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं।
कई दुर्घटनाएं अप्रिशिक्षित व्यक्ति के वाहन चलाने से होती हैं। ट्रैक पर परीक्षण होने से ऐसे व्यक्ति को लाइसेंस नहीं मिल सकेगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। नियम और सख्त होंगे, इसलिए पूर्ण प्रशिक्षण के बाद ही लोगों को लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहिए।
राजीव मेहरा, आरटीओ
