रुद्रपुर: धान के कम दाम मिलने से गुस्साए किसानों ने किया प्रदर्शन
रुद्रपुर, अमृत विचार। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ किसानों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व के केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषि कानूनों के विरोध में लामबंद हुए किसान अब धान खरीद में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुखर हो चले हैं। किसानों का आरोप है कि धान खरीद कम दामों …
रुद्रपुर, अमृत विचार। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ किसानों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व के केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषि कानूनों के विरोध में लामबंद हुए किसान अब धान खरीद में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुखर हो चले हैं।
किसानों का आरोप है कि धान खरीद कम दामों में की जा रही है। इसको लेकर शनिवार को नगर की गल्ला मंडी में किसानों ने प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान एक किसान के आत्मदाह की घोषणा करने से माहौल गर्म हो गया।
पिछले लगभग 11 महीने से हजारों किसान तीन कृषि कानूनों के दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर खिलाफ धरना और आंदोलन कर रहे हैं। कुछ दिन पूर्व लखीमपुर खीरी में हुई घटना ने जैसे इस आंदोलन की आग में घी डालने का काम कर दिया। इस घटना के बाद से किसानों का आक्रोश चरम पर है। इधर कच्चे आढ़तियों द्वारा तथाकथित रूप से कम दामों में धान खरीद करने से किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
शनिवार को कई किसान गल्ला मंडी में एकत्र हुए और उन्होंने सरकार व कच्चे आढ़तियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। किसान नेता अमन ढिल्लों ने कहा कि किसानों से धान की खरीद प्रति क्विंटल 1450 से 1500 रुपए में की जा रही है जो सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि नियमावली के हिसाब से फसल की खरीद-फरोख्त हो और किसानों को 19 सौ रुपए प्रति क्विंटल से अधिक फसल का दाम मिले।
चेतावनी दी कि यदि फसल खरीद के दाम ठीक नहीं किए गए तो वह आत्मदाह कर लेंगे। इससे वहां हड़कंप मच गया लेकिन वरिष्ठ किसानों ने किसी तरह समझाकर उन्हें शांत किया। किसान नेता विक्रमजीत सिंह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान इसी कारण फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के कानून की मांग कर रहे हैं। इस दौरान दर्जनों किसानों ने गल्ला मंडी में सांकेतिक जाम भी लगा दिया।
सूचना मिलने पर बगवाड़ा मंडी के अधिकारी और पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें धान का उचित दाम मिलेगा। इस दौरान गुरजीत सिंह चीमा, मनजीत सिंह, मलूक सिंह, गुरदीप सिंह, हीरा विर्क, सुखदेव सिंह, जगबीर सिंह, हरपाल सिंह, सुखचैन सिंह आदि किसान मौजूद थे।
