रायबरेली: डोर टू डोर कलेक्शन से सुधरेगी नगर पालिका की रैंकिंग
रायबरेली। स्वच्छ सर्वेक्षण में रायबरेली बेहतर पायदान पर आ सके इसके लिए नगर पालिका ने डोर टू डोर कलेक्शन योजना शुरू की है। हालांकि योजना शुरू तो हो गई है, लेकिन स्वच्छता को लेकर अभी भी काम बाकी है। अभी भी शहर के निचले मोहल्लों में गंदगी रहती है। शहर में हर दिन 60 से …
रायबरेली। स्वच्छ सर्वेक्षण में रायबरेली बेहतर पायदान पर आ सके इसके लिए नगर पालिका ने डोर टू डोर कलेक्शन योजना शुरू की है। हालांकि योजना शुरू तो हो गई है, लेकिन स्वच्छता को लेकर अभी भी काम बाकी है। अभी भी शहर के निचले मोहल्लों में गंदगी रहती है।
शहर में हर दिन 60 से 70 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। जिसके निस्तारण को लेकर एक प्लांट लगा है। इस प्लांट के जरिए कूड़े का निस्तारण होता है। साथ ही खाद भी बनाई जाती है। 2020 के स्वच्छ सर्वेक्षण में नगर पालिका को 150 वीं रैंक मिली थी। उस समय कूड़ा सही से न उठाने के अंक कटे थे।
बता दें कि इस बार अंक को बढ़ाने के लिए डोर टू डोर कलेक्शन योजना शहर के सभी वार्ड में शुरू हो गई है। 2011 में जब यह योजना शुरू हुई थी, तब केवल 15 वार्ड में डोर टू डोर कलेक्शन योजना लागू की गई थी। पिछले दो साल से हर वार्ड में डोर टू डोर कलेक्शन को लेकर योजना बनाई जा रही थी, लेकिन कोरोनाकाल के कारण फर्म चयन नहीं हो सका था। इस वर्ष फर्म को चयनित कर डोर टू डोर कलेक्शन योजना की जिम्मेदारी मिल गई है।
सफाईकर्मियों की अनदेखी, सफाई व्यवस्था पर भारी
शहर में सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी 600 से अधिक सफाईकर्मियों के हाथ में है, लेकिन अनदेखी तो होती ही है। बता दें कि सफाईकर्मियों को पिछले कई महीने से वेतन नहीं मिला है। जिससे सफाईकर्मियों में रोष है, ऐसे में वह सफाई अपने तरीके से ही करते है।
नगर पालिका अध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव ने कहा कि डोर टू डोर कलेक्शन योजना शहर में लागू है और इसके लिए कूड़ा गाड़ी भी लगाई गई हैं। इससे स्वच्छ सर्वेक्षण में पालिका की रैंकिंग बढ़ेगी।
