बरेली: सेटेलाइट से रख रहे नजर, अफसरों तक पहुंचेगी खबर
बरेली, अमृत विचार। सरकारी केंद्रों पर धान खरीद शुरू होते ही कटाई भी दिनों दिन जोर पकड़ रही है। इधर, पराली जलाने वाले किसानों पर जिला प्रशासन के अलावा आईसीएआर (इंडियन काउंसिल फार एग्रिकल्चर रिसर्च) सेटेलाइट के जरिये नजर बनाए हुआ है। विभाग भी इसको लेकर किसानों को जागरूक कर रहा है। ऐसे में यदि …
बरेली, अमृत विचार। सरकारी केंद्रों पर धान खरीद शुरू होते ही कटाई भी दिनों दिन जोर पकड़ रही है। इधर, पराली जलाने वाले किसानों पर जिला प्रशासन के अलावा आईसीएआर (इंडियन काउंसिल फार एग्रिकल्चर रिसर्च) सेटेलाइट के जरिये नजर बनाए हुआ है। विभाग भी इसको लेकर किसानों को जागरूक कर रहा है। ऐसे में यदि खेतो में पराली जलती मिली तो संबंधित किसान पर जुर्माना तो पड़ेगा ही साथ में उसके खिलाफ रिपोर्ट भी कराई जाएगी।
पिछले दिनों कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) आलोक सिन्हा ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पराली जलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कहा था खेतों में पराली जलाने को लेकर सख्त नियम हैं। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अगर किसान पराली जलाता है तो उसके खिलाफ तत्काल रिपोर्ट कराए। कृषि उप निदेशक धीरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि वह पराली न जलाएं, इससे जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है वहीं अनेक प्रकार की बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
पराली को डीकम्पोजर के द्वारा खेतों में गला-सड़ा कर जीवांश को बनांए रखने ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे इसकी सलाह दी जा रही है। कहा कि सेटेलाइट की निगेहबानी इतनी सटीक होती है कि रात में घना अंधेरा होने और हल्के बादल छाए होने के बावजूद उस स्थान की थर्मल इमेज जहां आग लगी हो बिल्कल साफ दिखाई देती है। वहीं, जिले में किसानों को पराली जलाने से रोकने और जलाने पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों में संबंधित एसडीएम के नेतृत्व में समिति बनाई है। इसमें सीओ और तहसील और लेखपाल भी शामिल हैं।
यह है जुर्माने का प्राविधान
उप निदेशक कृषि धीरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि पराली जलाने पर दो एकड़ तक के किसान पर 2500 रुपये, ढाई से पांच एकड़ तक के किसान पर 5000 रुपये, पांच एकड़ से अधिक के किसान पर 15 हजार रुपये जुर्माने का प्राविधान है। अगर कोई किसान दो बार आग लगाए तो दो गुना तथा पांच बार आग लगाने पर उससे पांच गुना जुर्माना वसूल किया जाएगा। इसको लेकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
