पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से सीएनजी वाहनों की बढ़ी डिमांड

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से उपभोक्ताओं का रुख सीएनजी वाहनों की तरफ बढ़ा है। त्योहारी सीजन में सीएनजी गाड़ियों के खरीदारों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। यही कारण है कि मारुति, महिन्द्रा और हुंडई के शोरूम में खरीदारों को पांच से छह महीने का इंतजार करना पड़ेगा। डीलरों का कहना है कि …

लखनऊ पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से उपभोक्ताओं का रुख सीएनजी वाहनों की तरफ बढ़ा है। त्योहारी सीजन में सीएनजी गाड़ियों के खरीदारों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। यही कारण है कि मारुति, महिन्द्रा और हुंडई के शोरूम में खरीदारों को पांच से छह महीने का इंतजार करना पड़ेगा। डीलरों का कहना है कि कोरोना काल में गाड़ियों का उत्पादन भी कमजोर रहा और त्योहारी सीजन में सीएनजी गाड़ियों की मांग ज्यादा हो गई।

पेट्रोल से कम दाम और माइलेज ज्यादा

उपभोक्ताओं को सीएनजी वाहनों की खरीद इसलिए भी ज्यादा मुफीद लग रही है कि जहां एक तरफ पेट्रोल के दाम गुरुवार को 101.81 रुपए प्रतिलीटर पहुंच गया। तो डीजल भी 93.96 रुपये प्रति लीटर के भाव में बिक रहा है। वहीं  सीएनजी 68.1 रुपए प्रतिकिलो में बिक रही है। रिंग रोड विकास नगर के पास मारुति शोरूम की मालिक ने बताया कि इस बार त्योहारी सीजन में सीएनजी वाहनों की मांग कंपनियां पूरी नहीं कर पा रही हैं। इसी वजह से इन वाहनों की वेटिंग पांच से छह महीने तक पहुंच गई।

हुंडई शोरूम के मालिक हर्षित बजाज कहते हैं कि सीएनजी वाहनों की बढ़ी बिक्री का एक कारण यह भी है कि सीएनजी वाहन का माइलेज पेट्रोल से अच्छा है। वह बताते हैं कि अगर एक लीटर पेट्रोल में वाहन लगभग 18-20 किलोमीटर तक जाएगी तो सीएनजी की गाड़ी 26 से 28 किलोमीटर तक जा सकेगी।

पुरानी गाड़ियों में भी सीएनजी किट की मांग बढ़ी

पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों ने पुराने वाहनों के मालिकों के चेहरे पर शिकन ला दी है। पुनीत ऑटो कंपनी के मालिक कहते हैं कि पहले सीएनजी किट यदा-कदा उपभोक्ता लगवाते थे। लेकिन जब से पेट्रोल-डीजल के दाम ऊपर आने शुरू हुए तो जिन वाहनों में सीएनजी नहीं थी। वह हमारे यहां सीएनजी की किट लगवा रहे हैं। किट लगवाने में बढ़ोत्तरी का एक कारण यह भी है कि अब सीएनजी के स्टेशन भी बढ़ गए हैं और शहर में आसानी से उपलब्ध हो जा रही है।

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