सावधान : उत्तराखंड में अगले 48 घंटे पड़ सकते हैं बहुत भारी
हल्द्वानी, अमृत विचार। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया। रविवार शाम को हल्की बूंदा-बांदी शुरू हो गई और तेज हवाएं चलीं। पहाड़ और मैदान सभी जगह बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों को मंगलवार तक सतर्क रहने को कहा है। अनुमान जताया है …
हल्द्वानी, अमृत विचार। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया। रविवार शाम को हल्की बूंदा-बांदी शुरू हो गई और तेज हवाएं चलीं। पहाड़ और मैदान सभी जगह बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों को मंगलवार तक सतर्क रहने को कहा है। अनुमान जताया है कि खराब मौसम की वजह से हालात काफी बिगड़ सकते हैं और भारी बारिश हो सकती है।

मानसून की विदाई के साथ ही पहला पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। हल्द्वानी में सुबह से ही बादल छाने लगे थे। दोपहर बाद हल्की बूंदा-बांदी शुरू हो गई। कुछ समय के लिए तेज हवाए भी चली। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार रात से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होगा। जो अगले 48 घंटे तक जारी रहेगा। पहाड़ों में बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाएं होंगी। नदियों का जलस्तर बढ़ जाएगा। गधेरे और नाले उफान पर बहेंगे। माना जा रहा है कि सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहेंगी। मंगलवार तक पहाड़ में यात्रा नहीं करने की सलाह दी गई है। चेतावनी के अनुसार लोगों को सलाह है कि मंगलवार तक सुरक्षित स्थान पर रहें। मौसम विभाग यह मान कर चल रहा है कि साल 2013 में आई केदारनाथ आपदा की तरह हालात बन सकते हैं।
क्या होती है भारी से बहुत भारी बारिश
हल्द्वानी। मौसम विभाग के अनुसार जब भारी से बहुत भारी बारिश के आसार जताए जाते हैं तब कुछ ही समय में 204 मिमी से ज्यादा बारिश होने के आसार होते हैं। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि मानसून के समय में औसतन एक माह में 300 मिमी तक बारिश होती है। इसी से अलर्ट की भयावता समझ सकते हैं।
नदियों के पास रहने वाले घरों को छोड़ दें
हल्द्वानी। नदियों के किनारे या समीप रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि संभव हो तो नदी के किनारे या समीप रहने वाले लोग मंगलवार तक के लिए उस स्थान को छोड़ दें। जिससे वह सुरक्षित रहे सकें। इसके साथ ही तेज हवाओं से भी बचकर रहने की जरूरत है। अनुमान है कि 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। तेज बारिश की वजह से सड़कों पर मलबा आएगा। मंगलवार तक पहाड़ में कई मार्ग बंद हो सकते हैं। जो लोग भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहते हैं उनसे भी कहीं और जाने की अपील की जा रही है।

मैं चाहता हूं कि मेरा कहा झूठा साबित हो : मौसम विज्ञानी
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह ने कहा कि राज्य के लिए 48 घंटे बहुत ही भारी साबित हो सकते हैं। इस दौरान भयानक आपदा जैसे हालात बनने की पूरी संभावना है। लोगों को बहुत ही संभल कर रहने की जरूरत है। मैं तो यह तक कहूंगा कि जो अलर्ट मैंने जारी किया है वह झूठा साबित हो जाए।
पर्वतीय इलाकों में हाईवे पर लगाई गईं जेसीबी
नैनीताल जिले के पर्वतीय इलाकों गरमपानी, बेतालघाट, ओखलकांडा, नैनीताल, रामगढ़, मुक्तेश्वर में विशेष अलर्ट जारी किया है। यहां मलबा गिरने वाले संभावित स्थानों पर जेसीबी लगा दी गई हैं, ताकि मलबा आने पर त्वरित कार्रवाई हो। इसी के साथ जिले की राजस्व टीम को अलर्ट मोड है। राजस्व टीम अपने-अपने इलाके के गांवों में प्रधान, क्षेत्र, जिला पंचायत सदस्यों को मौसम विभाग की चेतावनी की जानकारी दे रहे हैं। साथ ही किसी भी सूचना पर तुरंत प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए हैँ।
