पीलीभीत: बेमौसम बारिश से किसान परेशान… खेत में भीगा धान, हलक में अटकी जान
पीलीभीत, अमृत विचार। धान की फसल का वाजिब दाम न मिलने से पहले से परेशान चल रहे किसानों पर अब बेमौसम बारिश का कहर टूट पड़ा है। दो घंटे की मूसलाधार बारिश से खेतों में कटाई के लिए तैयार धान भीग गया। मंडी समिति में खरीद के इंतजार में लगाए गए धान के ढेर भी …
पीलीभीत, अमृत विचार। धान की फसल का वाजिब दाम न मिलने से पहले से परेशान चल रहे किसानों पर अब बेमौसम बारिश का कहर टूट पड़ा है। दो घंटे की मूसलाधार बारिश से खेतों में कटाई के लिए तैयार धान भीग गया। मंडी समिति में खरीद के इंतजार में लगाए गए धान के ढेर भी बारिश की चपेट में आ गए। जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में अभी और बारिश होने के कयास हैं।
ऐसे में धान बिक्री को लेकर किसान की धड़कनें बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी आने वाले दो दिन कटाई न करें।
एक अक्टूबर से धान खरीद शुरू हो चुकी है। खरीद के सत्रह दिन पूरे हो चुके हैं। मगर, किसानों की समस्याएं कम नहीं हो सकी है। नमी अधिक होने की बात कहकर किसान का धान क्रय केंद्रों पर पहले ही नहीं बिक पा रहा।
उसे आढ़ती और राइस मिलर्स के हाथों 1250 रुपये में मजबूरन बेचना पड़ रहा, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपये है। इसी बीच अब बारिश भी किसानों पर कहर बनकर टूट पड़ी है। पिछले कई दिनों से मौसम साफ था, मगर बदलाव के आसार थे। रविवार को सुबह सूर्यदेव ने दर्शन दिए। मगर दोपहर 12 बजे के बाद बदलाव की आहट हो गई। तेज हवा चलने के साथ ही बादल छा गए। शाम चार बजे के बाद तेज बारिश हो गई। दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने अब किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है।
इन दिनों खेतों में धान कटाई को तैयार था।मंडी समितियों समेत अन्य जगह बिक्री को किसान के धान के ढेर लगे हुए थे। बेमौसम बरसात से खेत से लेकर मंडियों में रखा धान भीग गया। धान के दाम पहले ही नहीं मिल पा रहे थे। अब धान भीगने के बाद किसान और परेशान है। उनका कहना है कि भीगने के बाद तो 1250 रुपये मिलना भी मुश्किल न हो जाएं। हालांकि अन्य फसलों को लेकर बारिश से कोई खास नुकसान नहीं है।
विशेषज्ञ बोले- दो दिन तक न काटें धान
कृषि विशेषज्ञ डॉ.एसएस ढाका ने बताया कि बारिश के आसार बने हुए थे। अभी दो दिन तक बारिश हो सकती है। खेतों पर पानी भरने से धान भीगा है। उसे सूखने के बाद ही काटें। वहीं, आने वाले दो दिनों तक धान की कटाई करने से बचें। मौसम को देखते हुए सोच समझकर निर्णय लेने से नुकसान से बचा जा सकता है।
