हल्द्वानी: आपदा में देवदूत बने डोगरा रेजीमेंट के 100 जवान, खैरना से कैंची धाम की दूरी पैदल तयकर बांटी मदद

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हल्द्वानी, अमृत विचार। एक बार फिर सेना के जवानों ने खुद पर नाज करने का मौका दिया है। नैनीताल जिले में दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध हो गई थीं। सड़कें कई स्थानों पर टूटने व मलबा आने के कारण कई पर्यटक रास्तों में फंस गए। कई अलग-अलग …

हल्द्वानी, अमृत विचार। एक बार फिर सेना के जवानों ने खुद पर नाज करने का मौका दिया है। नैनीताल जिले में दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध हो गई थीं। सड़कें कई स्थानों पर टूटने व मलबा आने के कारण कई पर्यटक रास्तों में फंस गए। कई अलग-अलग जगहों पर मकान क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ के हताहत होने की भी खबर मिली। स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ को बचाव कार्य में लगाया गया। इस बीच डोगरा रेजीमेंट के 100 जवानों ने जरुरतमंदों की मदद कर मिसाल पेश की।

जिला प्रशासन ने फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए तुरंत सैन्य सहायता का अनुरोध किया। गरमपानी-खैरना-कैंची इलाके के पास स्थिति बहुत गंभीर थी। घाटी प्रभावित हुई थी, नदी के अत्यधिक प्रवाह के कारण इमारतें खतरे में थीं। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने मंगलवार को 14 डोगरा रेजीमेंट रानीखेत से खैरना, कैची, निगलाट व रामगढ क्षेत्र में राहत बचाव कार्य के लिए वार्ता की। मेजर नरेंद्र व मेजर कोयाक के नेतृत्व में 100 जवानों की दो रेस्क्यू टीमों को प्रभावित इलाकों में जाने के आदेश दिए गए हैं।

रानीखेत से सुबह 11 बजे 100 जवानों की रेस्क्यू टीम रवाना हुई, रास्ते में सड़क जाम होने की वजह से देरी से बचाव दल दोपहर करीब तीन बजे प्रभावित स्थल पर पहुंच सका। बिना किसी देरी के भारतीय सेना के जवानों ने खैरना में फंसे करीब 500 लोगों को पैक किया हुआ भोजन और खाने का सामान व पानी वितरित किया।

बटालियन की मेडिकल रिएक्शन टीम के प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा चिकित्सा जांच कर चिकित्सा इकाई स्थापित कर लोगों का उपचार किया गया। घिंगरीखाल बटालियन के बचाव दल की तीन उप टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने बचाव और राहत अभियान चलाया और गरमपानी और खैरना में फंसे लोगों की मदद की। भारतीय सेना के जवानों ने बचाव उपकरण और फंसे हुए लोगों के लिए भोजन, पानी जैसे राहत सामग्री के साथ खैरना से कैची धाम की दूरी पैदल तय कर निस्वार्थ सेवा की मिसाल पेश की।

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