बरेली: कई विद्युत उपकेन्द्र पानी में डूबे, सैकड़ों गांवों की बिजली गुल
बरेली, अमृत विचार। दो दिन हुई बारिश के बाद उत्तराखंड से कई नदियों में मंगलवार देर रात पानी छोड़े जाने से कई क्षेत्रों में पानी घुसने से बिजली महकमे को बड़ा झटका लगा है। देहात क्षेत्र में पानी का जलस्तर बढ़ने से तीन उपकेन्द्र पानी में डूब गए। इससे सैकड़ों गांवों की बिजली गुल हो …
बरेली, अमृत विचार। दो दिन हुई बारिश के बाद उत्तराखंड से कई नदियों में मंगलवार देर रात पानी छोड़े जाने से कई क्षेत्रों में पानी घुसने से बिजली महकमे को बड़ा झटका लगा है। देहात क्षेत्र में पानी का जलस्तर बढ़ने से तीन उपकेन्द्र पानी में डूब गए। इससे सैकड़ों गांवों की बिजली गुल हो गयी। दिनभर अधिकारी-कर्मचारी विद्युत उपकेंद्रों में भरा पानी निकलवाने के प्रयास करते रहे। देहात के इलाकों के साथ शहर में भी बिजली कटौती का संकट बढ़ता जा रहा है।
शनिवार और रविवार को जिले में झमाझम बारिश हुई। इससे रामगंगा समेत उसकी सहयोगी नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। मंगलवार देर रात उत्तराखंड में जलप्रलह आने के बाद कई नदियों में पानी छोड़ दिया गया। इससे ग्रामीण इलाके बाढ़ के मुहाने पर आ गए। 33 केवी बहेड़ी कताई मिल उपकेन्द्र की लाइन ब्रेकडाउन हो गई। जिसमें फाजलपुर गांव के पास सड़क पानी के प्रवाह से कट गई है। ऐसी स्थिति में बिजली अधिकारियों को पेट्रोलिंग करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि पानी कम होने पर पेट्रोलिंग की जाएगी। किच्छा नदी में पानी बढ़ने पर शीशगढ़ सब स्टेशन के लिए जाने वाली 33 केवी लाइन का एक पोल नदी में बह गया है। जिस कारण 33 केवी शेरगढ़- शीशगढ़ लाइन ब्रेक डाउन में आ गयी है। नवाबगंज बिजली घर के अंदर भी पानी भरने से बिजली कटौती की समस्या हो गई है। 33 केवी का पोल टेढ़ा होने से बिजली गुल हो गई है। ग्रामीण इलाकों में नवाबगंज, शीशगढ़ और बहेड़ी कतई मिल से सैकड़ों गांवों में बिजली गुल होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के भी कई इलाकों में बिजली कटौती का संकट बना है।
देहात इलाकों में बहेड़ी कताई मिल, शीशगढ़ और नवाबगंज में सबसे अधिक संकट बना है। पानी भर जाने से बिजली की लाइने ब्रेकडाउन हो गई है। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली दिलाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही बिजली की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। -अशोक कुमार चौरसिया, विद्युत अधीक्षण अभियंता ग्रामीण
