हल्द्वानी: गौला पुल के पुननिर्माण में वन विभाग का अड़ंगा

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हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला पुल के पुननिर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई ) की जेसीबी को वन विभाग ने कार्य नहीं करने दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने जेसीबी को बिना अनुमित के कार्य करने पर वापस लौटा दिया। इस रवैया के कारण गौला पुल के पुननिर्माण में वक्त लगना तय हो गया है। …

हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला पुल के पुननिर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई ) की जेसीबी को वन विभाग ने कार्य नहीं करने दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने जेसीबी को बिना अनुमित के कार्य करने पर वापस लौटा दिया। इस रवैया के कारण गौला पुल के पुननिर्माण में वक्त लगना तय हो गया है।

इसकी जानकारी एनएचएआई के अधिकारियों को लगी तो वह मौके पर पहुंच गए और कार्य शुरू कराने का प्रयास किया। लेकिन वन विभाग के अधिकारी टस से मस न हुए। आखिर में एनएचआई अधिकारियों ने टूटे पुल का निरीक्षण किया और वापस लौट गए।

सोमवार को बारिश के कारण गौला पुल का 30 मीटर हिस्सा नदी में गिर गया था। यह पुल लोगों के आवागमन का सबसे व्यस्त मार्ग है। पुल गिरने के बाद इसके पुननिर्माण की मांग जोर पकड़ने लगी। इसी को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को एनएचएआई की जेसीबी गौला पुल पहुंची।

जेसीबी ने यहां कार्य शुरू ही किया था कि तभी वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कार्य करने की अनुमति दिखाने को कहा। अनुमति न होने पर उन्होंने जेसीबी को बंद करा दिया। काफी देर तक एनएचआई के अधिकारी वन विभाग के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। सूचना पर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी सीके सिन्हा तथा परियोजना निदेशक योगेंद्र शर्मा भी पहुंच गए। उन्होंने भी कार्य शुरू करने का प्रयास किया। लेकिन वन विभाग के अधिकारी टस से मस न हुए। आखिरकार जेसीबी को लौटा दिया गया।

एनएचएआई के परियोजना निदेशक योगेंद्र शर्मा ने बताया कि कार्य कराने की अनुमति मिलने में 15 दिन का समय लगता है। गौला पुल के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में वह जल्दी कार्य कराना चाहते थे। लेकिन अब अनुमति मिलने के बाद ही कार्य शुरू होगा। उन्होंने जिलाधिकारी को भी कार्य शुरू करने की अनुमति दिलाने के लिए पत्र भेजा है।

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