हल्द्वानी: पांच जेसीबी लगाकर मोड़ा जा रहा है गौला नदी का बहाव
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला पुल टूटने से सितारगंज की ओर आने-जाने के वैकल्पिक मार्ग तो खुला है, लेकिन इसके लिए फेरा लंबा लगाना पड़ रहा है। वहीं, नदी निर्माण में गौला का प्रवाह बाधा बना हुआ है। इस प्रवाह का रुख मोड़ने के लिए प्रशासन ने पांच जेसीबी नदी में उतार दी हैं। बीती 17 अक्टूबर …
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला पुल टूटने से सितारगंज की ओर आने-जाने के वैकल्पिक मार्ग तो खुला है, लेकिन इसके लिए फेरा लंबा लगाना पड़ रहा है। वहीं, नदी निर्माण में गौला का प्रवाह बाधा बना हुआ है। इस प्रवाह का रुख मोड़ने के लिए प्रशासन ने पांच जेसीबी नदी में उतार दी हैं।
बीती 17 अक्टूबर से शुरू हुई बरसात का पानी अब भी तेज धार बनकर बह रहा है। इसी के चलते गौला पुल हल्द्वानी की ओर क्षतिग्रस्त हो गया। नदी की धार लगातार इस क्षतिग्रस्त हिस्से को और क्षतिग्रस्त कर रही है। ऐसे में पुल का निर्माण संभव नहीं है।
जिसके बाद नदी की धारा को मोड़ने के लिए नदी में पांच जेबीसी उतारी गईं। ये जेसीबी नदी में प्रवाह के लिए दूसरा रास्ता बना रही हैं, जो नदी के बीच से होकर गुजरेगा। इस काम में कुछ दिन का वक्त लगेगा। नदी का प्रवाह बहलने के बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
तेज धार ढहा सकती है काठगोदाम पुल की सुरक्षा दीवार
गौला नदी की धार यदि जल्द नहीं बदली गई तो लगातार कमजोर होते पुल के पिलर की सुरक्षा दीवार ढह जाएगी। यदि ऐसा हुआ तो गौला पुल की तरह काठगोदाम पुल भी धराशाई हो सकता है। वर्तमान में पुल के ऊपर बनी सड़क पर भी गड्ढे हो गए।
