दो नवंबर को धनतेरस पर बरसेगी भगवान कुबेर की कृपा, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
हल्द्वानी, अमृत विचार। हिंदू धर्म में दिवाली के पर्व का विशेष महत्व होता है। दिवाली से पहले धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है। इस साल धनतेरस 2 नवंबर यानी मंगलवार को पड़ रहा है। पंडित नवीन चंद्र जोशी ने …
हल्द्वानी, अमृत विचार। हिंदू धर्म में दिवाली के पर्व का विशेष महत्व होता है। दिवाली से पहले धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस मनाया जाता है। इस साल धनतेरस 2 नवंबर यानी मंगलवार को पड़ रहा है।

पंडित नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब प्रभु धन्वंतरि प्रकट हुए थे तब उनके हाथ में अमृत से भरा कलश था। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इस तिथि को धन्वंतरि जयंती या धन त्रयोदशी के नाम से भी जानते हैं। इस दिन बर्तन और गहने आदि की खरीदारी करना बेहद शुभ होता है।
क्यों होती है महालक्ष्मी की पूजा
कहते हैं कि धनतेरस के दिन धन्वंतरि देव और मां लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में कभी धन की कमी नहीं रहती है। इस दिन भगवान कुबेर की पूजा की भी विधान है।
धनतेरस 2021 शुभ मुहूर्त
धन त्रयोदशी पूजा का शुभ मुहूर्त- शाम 5:25 मिनट से शाम 6 बजे तक
प्रदोष काल- शाम 05:39 से 20:14 बजे तक
वृषभ काल- शाम 06:51 से 20:47 तक
