देहरादून: बुज़ुर्ग और दिव्यांग घर से ही डाल सकेंगे वोट

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देहरादून, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में आयोग पहली बार 80 साल से ऊपर और दिव्यांगों के लिए घर बैठे वोट देने का अधिकार देने जा रहा है। आयोग इनके घर जाकर बैलेट पोस्टल के जरिए वोट देने की सुविधा प्रदान …

देहरादून, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में आयोग पहली बार 80 साल से ऊपर और दिव्यांगों के लिए घर बैठे वोट देने का अधिकार देने जा रहा है।

आयोग इनके घर जाकर बैलेट पोस्टल के जरिए वोट देने की सुविधा प्रदान करेगा, लेकिन इसके लिए इन्हें पहले से ही चुनाव आयोग को प्रार्थनापत्र देना होगा। राज्य में 80 वर्ष से अधिक आयु के निर्वाचकों की संख्या 165113 जबकि दिव्यांग निर्वाचकों की संख्या 53900 है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने मंगलवार को मीडिया सेंटर, सचिवालय में प्रेस वार्ता में बताया कि वोटर हेल्पलाइन एप के माध्यम से वोटरों को ऑनलाइन सुविधा दी जाएगी। कोविड-19 को देखते हुए निर्वाचन आयोग की ओर से वोटिंग बूथ की संख्या बढ़ाई जा रही है। राज्य में कुल 11647 बूथ बनाए गए हैं। 500 अतिरिक्त बूथ कोविड के मद्देनजर बनाए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग आयुक्त सौजन्या ने बताया कि इस बार वोटर हेल्पलाइन एप के माध्यम से वोटरों को ऑनलाइन तरीके से चुनाव में वोट से संबंधित तमाम जानकारियां दी जाएंगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक जनवरी 2021 के हिसाब से राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 78 लाख 46 हजार है। हालांकि, अभी वोटरों की संख्या और अधिक बढ़ सकती है, जिसके लिए चुनाव आयोग द्वारा कार्य जारी है। 15 जनवरी 2021 से 12 अक्टूबर 2021 के बीच राज्य में मतदाताओं की संख्या में कुल 30 हजार 808 मतदाताओं की बढ़ोत्तरी हुई है। उत्तराखंड में पुरुषों के सापेक्ष महिला लिंगानुपात में अच्छी वृद्धि हुई है।

30 नवंबर तक प्रस्तुत करें दावे
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, 01 जनवरी 2022 की अर्हता तिथि के आधार पर एकीकृत निर्वाचक नामावली के आलेख्य पर 1 नवम्बर से 30 नवम्बर 2021 तक दावे और आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं। 30 नवम्बर तक प्रस्तुत दावों और आपत्तियों का निस्तारण 20 दिसम्बर 2021 तक किया जाएगा। इसके बाद निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 5 जनवरी 2022 को किया जाएगा। बीएलओ द्वारा 01 सितम्बर 2021 से 15 सितम्बर 2021 तक घर-घर जांच और सत्यापन का कार्य सम्पादित किया गया। घर-घर जांच और सत्यापन के दौरान डीएससी, एकाधिक प्रविष्टियों और लॉजिकल एरर आदि को हटाए जाने के लिए नियमानुसार कार्यवाही की गई।

1200 से अधिक मतदाता वाले मतदेय स्थल विभाजित
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विधानसभा निर्वाचक नामावली का 1 जनवरी 2022 की अर्हता तिथि के आधार पुनरीक्षण से पूर्व प्रारम्भिक तैयारियों के आलोक में मतदेय स्थलों के मानकीकरण भी किया गया। इसमें, किसी भी मतदाता को अपने आवास से मतदेय स्थल तक पहुंचने के लिए 2 किमी से अधिक पैदल दूरी तय न करनी पड़े, 1200 से अधिक मतदाता वाले मतदेय स्थलों को विभाजित किया जाना आदि बातों पर विशेष ध्यान दिया गया। मतदेय स्थलों के संशोधन, परिवर्तन एवं परिवर्धन प्रस्तावों पर आयोग से 05 अक्टूबर 2021 को अनुमोदन प्राप्त हुआ और तदनुसार समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों के द्वारा इसका नियमानुसार अंतिम प्रकाशन किया गया।

अभी भी जुड़वा सकते हैं नाम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत के ऐसे नागरिक जो 01 जनवरी 2022 को 18 वर्ष या इससे अधिक की आयु पूर्ण कर रहे हैं, विधानसभा निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित कराने के लिए प्रारूप-6 पर अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। वर्तमान आलेख्य निर्वाचक नामावली में जिन निर्वाचकों के नाम, अन्य विभिन्न विवरण या फोटोग्राफ आदि त्रृटिपूर्ण अथवा अशुद्ध हैं, उसे सही कराने के लिए प्रारूप-8 पर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। यदि किसी का नाम त्रुटिवश विलोपित हो गया है तो भी नाम सम्मिलित कराने के लिए फार्म-6 भर सकते हैं।

 

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