बरेली: रफियाबाद गौशाला में 250 गौवंशों को नहीं खिला रहे हरा चारा
बरेली, अमृत विचार। रफियाबाद गौवंश आश्रय स्थल में गौवंशों को हरा चारा नहीं खिलाया जा रहा है। भूसे की गुणवत्ता में भी कमी पाई गई। जिलाधिकारी के निरीक्षण में गड़बड़ी उजागर हुई हैं। मामले में संबंधित से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने गौवंश आश्रय स्थल के आसपास की 10 ग्राम पंचायतों …
बरेली, अमृत विचार। रफियाबाद गौवंश आश्रय स्थल में गौवंशों को हरा चारा नहीं खिलाया जा रहा है। भूसे की गुणवत्ता में भी कमी पाई गई। जिलाधिकारी के निरीक्षण में गड़बड़ी उजागर हुई हैं। मामले में संबंधित से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने गौवंश आश्रय स्थल के आसपास की 10 ग्राम पंचायतों को जोड़कर 50 एकड़ (श्रेणी 5 और 6) की भूमि चिह्नित करने के लिए उप जिलाधिकारी मीरगंज को निर्देश दिये हैं ताकि हरा चारा उगाकर गौवंशों को खिलाया जा सके।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने शुक्रवार को तहसील मीरगंज के विकास खंड फतेहगंज पश्चिमी के ग्राम रफियाबाद में संचालित वृहद गौवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। यहां संरक्षित किए 201 गौवंशों को हरा चारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। आश्रय स्थल के गोदाम में रखे भूसे की गुणवत्ता में कमी पाई गई। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत से 2.2 गोपालक गौवंश आश्रय स्थल को उपलब्ध कराएं।
30 रुपये प्रति गौवंश की दर से शासन से प्राप्त होने वाली धनराशि केवल दाने पर खर्च की जाए और भूसा और हरा चारा इत्यादि ग्राम पंचायतों की चिन्हित श्रेणी 5 व 6 की भूमि पर ही उगाकर उपलब्ध कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि गौवंश आश्रय स्थलों में ठंड के दृष्टिगत पुआल, टाट पट्टी इत्यादि की व्यवस्था पूर्व से ही कर लें। उप जिलाधिकारी मीरगंज को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नामित किया। निर्देश दिए कि प्रति सप्ताह निरीक्षण करेंगे और गौशाला की समस्त व्यवस्था के लिए जिम्मेदार भी होंगे।
