अब उत्तराखंड में प्रतिज्ञा नहीं, ‘विजय संकल्प रथ’ लेकर आएंगे अखिलेश
मनीष तिवारी, हल्द्वानी। समाजवादी पार्टी के पहाड़ में साइकिल दौड़ाने के लिए विजय संकल्प रथ निकालने का फैसला किया है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव नवंबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में विजय संकल्प रथ के जरिए हिमालयी राज्य राज्य में समाजवाद को नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। इसलिए उन्होंने प्रतिज्ञा रथ यात्रा को रद कर …
मनीष तिवारी, हल्द्वानी। समाजवादी पार्टी के पहाड़ में साइकिल दौड़ाने के लिए विजय संकल्प रथ निकालने का फैसला किया है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव नवंबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में विजय संकल्प रथ के जरिए हिमालयी राज्य राज्य में समाजवाद को नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। इसलिए उन्होंने प्रतिज्ञा रथ यात्रा को रद कर दिया गया है। सपा अध्यक्ष से मिले निर्देशों के बाद सपा के प्रदेश व जिला स्तरीय पदाधिकारी इस यात्रा को लेकर तैयारी में जुट गए हैं।
देहरादून में आठ नवंबर को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद नौ नवंबर से प्रतिज्ञा रथ यात्रा का आरंभ होना था। सपा के प्रदेश अध्यक्ष एसएन सचान के निर्देश पर कार्यकर्ता इसके लिए भूमिका तैयार करने में जुट गए थे। लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिज्ञा को विजय में बदलते हुए इस कार्यक्रम को रोक दिया है। उत्तर प्रदेश में विजय रथ यात्रा को लेकर चल रही चर्चाओं के चलते उसका प्रभाव उत्तराखंड में भी दिखाने के लिए अखिलेश यादव ने सपाइयों को मजबूत और प्रभावशाली तैयारी को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। अभी इस यात्रा का कार्यक्रम तैयार नहीं हुआ है, लेकिन सपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिल रही जानकारी के अनुसार गढ़वाल और कुमाऊं के चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों के बाद बाकी के क्षेत्रों में यह रथ पहुंचेगा।
दिसंबर में खुलेंगे सपा के पत्ते
समाजवादी पार्टी से टिकट लेकर चुनावी मैदान में कूदने का मन बना रहे उम्मीदवारों ने आवेदन करने शुरू कर दिए हैं। दिसंबर में सपा के द्वारा प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाएंगे।
जो आवेदन आ चुके हैं, राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी व प्रदेश अध्यक्ष एसएन सचान के नेतृत्व में सोमवार प्रदेश कार्य समिति की बैठक में उनपर चर्चा होगी। अध्यक्ष सचान ने बताया कि जिलाध्यक्षों द्वारा प्रत्याशियों के आवेदन मिल रहे हैं। आवेदनों पर चर्चा के बाद उनकी क्षेत्र में कितनी पकड़ है, इसकी पड़ताल के लिए हर विधानसभा में तीन टीमें तैयारी की गई हैं। इन टीमों की रिपोर्ट पर पहले नौ सदस्यीय प्रदेश संसदीय बोर्ड फैसला लेगी और रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपेगी। उसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के माध्यम से रिपोर्ट राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के पास जाएगी, जिसके बाद दिसंबर में आचार संहिता से पहले प्रत्याशियों के नाम खोल दिए जाएंगे। हल्द्वानी की रिपोर्ट के साथ जिलाध्यक्ष डिंपल पांडे व वरिष्ठ नेता शुएब सिद्दकी भी बैठक में शामिल रहेंगे।
शहर में मौका भुना सकती है सपा
इस वर्ष के विधानसभा चुनाव के माहौल को भुनाने के प्रयास में सपा भी जुटी है। कांग्रेस के घरेलू कलेह और बढ़ती महंगाई की वजह से लोगों की सरकार से नाराजगी का फायदा आम आदमी पार्टी के तरह सपा भी ले सकती है।
