हल्द्वानी: खाकी की कोशिश के बाद भी नशे में डूब रहे युवा
हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर में मादक पदार्थों की तस्करी रुकने के नाम नहीं ले रही है। पुलिस जितना मादक पदार्थों की तस्करी रोकने का प्रयास करती है। तस्कर उतनी ही तेजी के साथ अपने काले कारोबार का जाल और सुदृढ़ करने में लग जाते हैं। पुलिस और तस्करों की नूरा-कुश्ती में सबसे ज्यादा नुकसान देश …
हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर में मादक पदार्थों की तस्करी रुकने के नाम नहीं ले रही है। पुलिस जितना मादक पदार्थों की तस्करी रोकने का प्रयास करती है। तस्कर उतनी ही तेजी के साथ अपने काले कारोबार का जाल और सुदृढ़ करने में लग जाते हैं।
पुलिस और तस्करों की नूरा-कुश्ती में सबसे ज्यादा नुकसान देश के भविष्य कहलाने वाले युवाओं का हो रहा है। मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले ग्राहक की उम्र तक नहीं देखते हैं। उन्हें तो बस अपनी जेब भरने से मतलब होता है। फिर चाहे मादक पदार्थ की खरीददारी करने वाला किशोर हो या फिर युवक उन्हें इससे कोई सरोकार नहीं है। नशेबाजी के चलते पूर्व में कई लोगों की मौत हो चुकी है।
रविवार को तो इंद्रानगर बरसाती निवासी अमीर अहमद के 15 वर्षीय पुत्र ने फैसल ने नशे में धुत होकर अपनी दोनों हाथों की नश काटकर आत्महत्या तक कर ली। यह अकेले फैसल का ही मामला नहीं है, यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो इस नशे के कारण आए दिन कोई न कोई फैसल की मौत हो रही है और न जाने कितनी फैसल मौत की राह पर रोजाना आगे बढ़ रहे हैं। कुछ क्षेत्र तो मादक पदार्थों के लिए इतने विख्यात हैं कि यहां खुलेआम चरस, गांजा, अफीम, स्मैक आसानी से मिल जाती है।
स्थानीय लोग जब इनका विरोध करते हैं तो नशेबाज उनके घर पर पथराव तक कर देते हैं। स्थानीय लोग पुलिस को सूचना देते हैं तो वह भी घंटो देरी से आती है। ऐसे में नशेबाजों का हौंसले बढ़ जाते हैं और स्थानीय लोग शिकायत करना तक छोड़ देते हैं। शहर के चंबल पुल, पीलीकोठी रोड़, शनिबाजार रोड, बनभूलपुरा, रामपुर रोड, नवीन मंडी क्षेत्र, आंवड़ा चौकी रोड, शीशमहल तो ऐसे स्थान पर हैं यहां हमेशा नशेबाजों का जमाबड़ा लगा रहता है।
