उपेक्षा से नाराज उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का करेंगे बहिष्कार
हल्द्वानी, अमृत विचार। उपेक्षा से नाराज उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने आज उपवास रखकर विरोध जताया। और राज्य स्थापना दिवस पर 10 नवंबर को मिनी स्टेडियम में होने वाले मुख्यमंत्री की मौजूदगी वाले राजकीय कार्यक्रम का विरोध करने का एलान किया। राज्य आंदोलनकारी हुकुम सिंह कुंवर ने कहा कि 21 वर्षों के बाद भी शहीदों के …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उपेक्षा से नाराज उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने आज उपवास रखकर विरोध जताया। और राज्य स्थापना दिवस पर 10 नवंबर को मिनी स्टेडियम में होने वाले मुख्यमंत्री की मौजूदगी वाले राजकीय कार्यक्रम का विरोध करने का एलान किया।
राज्य आंदोलनकारी हुकुम सिंह कुंवर ने कहा कि 21 वर्षों के बाद भी शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनना बाकी है। राज्य में पलायन, बेरोजगारी और अपराध चरम पर है। राज्य गठन के बाद भी उत्तराखंड को स्थायी राजधानी नहीं मिल पाई है। राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण भी नहीं हो सका है। पहाड़ों में स्वास्थ्य सेवाएं लचर होने से पहाड़ के लोगों खासकर मातृशक्ति को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
आरोप लगाया कि नेताओं, अफसरों और माफियाओं के गठजोड़ से जनता त्रस्त हो चुकी है। यही वजह है कि राज्य आंदोलनकारियों में आक्रोश है। इस मौके पर बृजमोहन सिजवाली, रमेश चन्द्र जोशी, तेजेन्द्र सिंह, प्रकाश जोशी, सुशील भट्ट, दीवान सिंह बिष्ट, खड़क सिंह बगड़वाल, घनश्याम वर्मा, अजय कृष्ण गोयल, जगमोहन चिलवाल, राहुल छिमवाल, केडी गुणवंत, सतनाम सिंह, अजय कृष्ण गोयल, देवी दत्त ढौंडियाल, पूरन चंद्र दानी, डीएन जोशी, पुष्पा नेगी, मनोज सिंह नेगी, संदीप भैसोड़ा, विमला सांगुडी, शशि वर्मा, अशोक खुल्बे, नरेंद्र सजवाण आदि रहे।
