फतेहगढ़ कारागार का डीजी जेल ने किया निरीक्षण, बंदी की मौत के बाद हुआ था बवाल
लखनऊ। फतेहगढ़ कारागार में डेंगू से पीड़ित बंदी संदीप की मौत मामले के बाद कैदियों ने कारागार में जमकर तोड़फोड की। इतना ही नहीं जेल में आगजनी और जमकर हंगामा काटा। बवाल के दौरान एक कैदी की जहां मौत हो गई थी। वहीं करीब 30 से अधिक सुरक्षाकर्मी चोटिल हो गए थे। इस पूरे प्रकरण …
लखनऊ। फतेहगढ़ कारागार में डेंगू से पीड़ित बंदी संदीप की मौत मामले के बाद कैदियों ने कारागार में जमकर तोड़फोड की। इतना ही नहीं जेल में आगजनी और जमकर हंगामा काटा। बवाल के दौरान एक कैदी की जहां मौत हो गई थी। वहीं करीब 30 से अधिक सुरक्षाकर्मी चोटिल हो गए थे। इस पूरे प्रकरण को देखते हुए सोमवार को डीजी जेल आनंद कुमार फतेहगढ़ जेल पहुंच कर स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित कर दी।
एसआईटी का अध्यक्ष उप महानिरीक्षक कारगार बीपी त्रिपाठी और वरिष्ठ अधीक्षक कारागार मुख्यालय अमरीश गौड़ व वरिष्ठ अधीक्षक केन्द्रीय कारागार फतेहगढ़ पीके शुक्ला को सदस्य बनाया है। जिला कारागार फर्रुखाबाद में बंदियों को भड़काकर जेल में बलवा, हंगामा और तोड़फोड की घटना की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार ने सोमवार दोपहर लगभग एक बजे जिला जेल फतेहगढ़ पहुंचे। उनके साथ आयुक्त कानपुर मंडल, आईजी पुलिस कानपुर रेंज, डीएम और एसपी फर्रुखाबाद, जेल डीआईजी कानपुर रेंज, वरिष्ठ जेल अधीक्षक कारागार मुख्यालय भी मौजूद थे।
सभी अधिकारियों ने जेल का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद जेल में हुई तोड़फोड़ से क्षति, आगजनी और हिंसा की जगहों का बारीकी से जायजा लिया। इसके अलावा जेलकर्मियों व बन्दियों से पूछतांछ की। इसके बाद डीजी जेल आनंद कुमार ने घटना की जांच के लिए कारागार विभाग के तीन वरिष्ठ अधिकारियों का विशेष जांच दल (स्पेशल इंक्वायरी टीम) गठित कर दी। इसमें उपमहानिरीक्षक कारागार बीपी त्रिपाठी को अध्यक्ष, वरिष्ठ अधीक्षक कारागार मुख्यालय अमरीश गौड़ और वरिष्ठ अधीक्षक केन्द्रीय कारागार फतेहगढ़ पीके शुक्ला को सदस्य बनाया है। गठित की गई एसआईटी घटना से संबंधित सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर अपनी रिपोर्ट डीजी जेल को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
पूरे मामले की होगी न्यायिक जांच
इस घटना की न्यायिक जांच भी होगी। इसके लिए जनपद न्यायाधीश द्वारा नामित ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट करेंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से अपर जिला मजिस्ट्रेट भी घटना की जांच कर रहे हैं।
