हल्द्वानी: पेट्रोल-डीजल के सस्ता होने से आधी आबादी की चिंता हुई कम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हल्द्वानी, अमृत विचार। पेट्रोल, डीजल दामों में लगातार हो रही वृद्धि से लोग बेहद परेशान थे। उनके घर का बजट गड़बड़ाने लगा था, क्योंकि इस वृद्धि के कारण खाद्य सामग्री से लेकर जरूरत के अन्य सामान भी आसमान छू रहे थे। लगातार हो रहे विरोध के बाद सरकार ने वैट व अन्य कर हटाकर लोगों …

हल्द्वानी, अमृत विचार। पेट्रोल, डीजल दामों में लगातार हो रही वृद्धि से लोग बेहद परेशान थे। उनके घर का बजट गड़बड़ाने लगा था, क्योंकि इस वृद्धि के कारण खाद्य सामग्री से लेकर जरूरत के अन्य सामान भी आसमान छू रहे थे। लगातार हो रहे विरोध के बाद सरकार ने वैट व अन्य कर हटाकर लोगों को आंशिक राहत देने की कोशिश की है।

इस राहत को कुछ लोग राजनीति के चश्मे से भी देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि भले सरकार ने व्यक्तिगत फायदे के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम कुछ कम किए हैं लेकिन इसमें फायदा तो आखिर उपभोक्ता का ही है। लोग यह भी मानते हैं कि आसमान छूते दामों से निजात दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए आंशिक रूप से मिली इस राहत को स्थायी राहत में बदलने की जरूरत है। ऐसा होता है तो महंगाई से कुछ हद तक छुटकारा मिल सकेगा।

सस्ती रसोई गैस की भी उम्मीद
महिलाओं को उम्मीद है कि सरकार घरेलू गैस के दाम में भी कटौती करेगी। लगतार महंगी होती रसोई गैस ने खाने की थाली को प्रभावित किया है और बढ़े हुए दामों के बाद राशन में कटौती करनी पड़ रही है। इसलिए वे कहती हैं सरकार इसके दाम भी कम करे। दाम बढ़ने से महिलाओं को ही सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। फिलहाल दाम कम न होने से वे आहत हैं।

 

 

संबंधित समाचार