हल्द्वानी: लापरवाह रोडवेज, हादसे का खतरा बरकरार
बबीता पटवाल, अमृत विचार। बीती रात राजस्थान के बाड़मेर जिले में हादसे के बाद बस में 11 लोग जिंदा जलने की घटना से हल्द्वानी रोडवेज प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है। हल्द्वानी डिपो की रोडवेज बसों का हाल बुरा है। इन बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं, कुछ बसों में हैं तो वे काम …
बबीता पटवाल, अमृत विचार। बीती रात राजस्थान के बाड़मेर जिले में हादसे के बाद बस में 11 लोग जिंदा जलने की घटना से हल्द्वानी रोडवेज प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है। हल्द्वानी डिपो की रोडवेज बसों का हाल बुरा है। इन बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं हैं, कुछ बसों में हैं तो वे काम नहीं करते। इससे पता चलता है कि अधिकारी यात्रियों के प्रति कितने सजग हैं।
रोडवेज निगम की 100 से अधिक गाड़ियां सड़कों पर दौड़ रही हैं। लेकिन इन बसों में यात्रियों को सुविधा के तौर पर केवल सीटें दी गई हैं। सीटे भी ऐसी जिनके गद्दे आधे फटे हुए हैं। गुरुवार को अमृत विचार की टीम ने परिवहन निगम की बसों की पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रोडवेज की कई पुरानी बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं मिला। यहीं नहीं इसी के साथ कई बसों में फर्स्ट एड बॉक्स भी नहीं था।
आपको बता दें कि कुछ समय पहले रोडवेज की नई बसों को सड़कों पर उतारा गया था। इन बसों में अग्निशमन यंत्र तो दिखाई दिए लेकिन यह कितने पुराने हैं उसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता क्योंकि यंत्रों में एक्सपायरी तारीख नहीं दिख रही। साथ ही किसी यंत्र में तो यंत्र को संचालित करने वाला पिन तक नहीं है। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर कभी कोई अनहोनी घटित होती है तो यह यंत्र कैसे इस्तेमाल में आएंगे। इधर, काठगोदाम डिपो में निगम की ओर से एक बड़ा अग्निशमन यंत्र लगाया गया है। लेकिन हल्द्वानी डिपो में यह यंत्र भी मौजूद नहीं है।
अग्निशमन यंत्र सभी वर्कशॉप में लगाए हैं, क्योंकि अधिक दुर्घटनाओं की संभावनाएं वर्कशॉप में होती है। – सुरेंद्र बिष्ट, एआरएम, हल्द्वानी
