हल्द्वानी: निकायों में ठेका प्रथा पर बड़े फैसले के संकेत, सफाई कर्मचारियों में उत्साह

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हल्द्वानी, अमृत विचार। नगर निकायों में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों को मंगलवार को बड़ी खुशी मिल सकती है। नगर विकास सचिव की अध्यक्षता में कमेटी ठेका प्रथा सहित 11 सूत्रीय मांगों पर निदेशालय में चर्चा करने जा रही है। चर्चा के बाद इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। विधानसभा चुनाव को देखते …

हल्द्वानी, अमृत विचार। नगर निकायों में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों को मंगलवार को बड़ी खुशी मिल सकती है। नगर विकास सचिव की अध्यक्षता में कमेटी ठेका प्रथा सहित 11 सूत्रीय मांगों पर निदेशालय में चर्चा करने जा रही है। चर्चा के बाद इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए कर्मचारी कमेटी द्वारा सकारात्मक निर्णय को लेकर उम्मीद जता रहे हैं।

सफाई कर्मचारी पूर्व में कई बार ठेका प्रथा खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। इसके लिए प्रदेश स्तरीय हड़ताल तक की जा चुकी है। कई बार आंदोलन और कर्मचारियों के रोष के बाद इस मामले में सुनवाई के लिए कमेटी बनाई गई थी। इसमें अध्यक्ष नगर विकास सचिव के अलावा हरिद्वार और देहरादून नगर निगम के नगर आयुक्त को भी शामिल किया गया था।

वहीं देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के संस्थापक बांके लाल, प्रदेश अध्यक्ष राहत मसीह, प्रदेश संगठन मंत्री अमित कुमार सहित अन्य कर्मचारी नेता भी शामिल किए गए थे। पूर्व में इन कर्मचारी नेताओं ने इस मामले को सचिवालय कूच करने की चेतावनी दी थी। उनकी हुंकार के बाद गुस्सा शांत करने के लिए कमेटी की बैठक का निर्णय लिया गया। मंगलवार को दोपहर तीन बजे कमेटी की बैठक होगी, जिसमें इन मुद्दों को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।

इन संगठनों से कर्मचारी नेता रहेंगे शामिल
– देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ
– वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा
– अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस
– अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ

मेयर से मिले सफाई कर्मी, समझौते की आखिरी कोशिश आज
बहाली की मांग को लेकर दो पक्षों के बीच समझौता करा पाना मेयर के लिए भी टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। दोनों के बीच सुलह कराने के लिए मेयर की मध्यस्थता में मंगलवार को फिर बैठक होगी। माना जा रहा है कि यह आखिरी कोशिश होगी, जिसके बाद ठोस निर्णय लिया जाएगा।

देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले पिछले कई दिनों से बर्खास्त हुए छह कर्मचारियों को नौकरी दिए जाने की मांग की जा रही थी। आंदोलन के बावजूद इस पर गंभीरता नहीं दिखाई गई। मेयर ने दोनों पक्षों को सोमवार को आवास पर बुलाया था, लेकिन दूसरे पक्ष ने समझौता नहीं किया। अब इन्हें एक बार फिर से बैठक में बुलाया गया है।

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